ऋषिकेश । पशुलोक बैराज प्रबंधन की भारी लापरवाही के चलते बैराज जलाशय में मानव शव तैर रहा है। प्रबंधन ने संभवतया पुलिस को इसकी जानकारी नही दी है। भारत सरकार के गंगा को स्वछ रखने के लिए बनी नमामि गंगे की मखौल बैराज प्रबंधन उड़ा रहा है।
बीते देर रात एक हाथी के बैराज जलाशय में गिर जाने के बाद जब राजाजी नेशनल पार्क के कर्मचारी बैराज जलाशय के गेट पर पहुंचे तो जलाशय में कई दिन पुराना एक मानव शव तैरता दिखा। बैराज प्रबंधन ने जहां हाथी को निकालने के लिए गेट खोला तो शव भी जलाशय से बाहर बह गया। जबकि बैराज पर स्थित पुलिस चैक को शव की सूचना तक नही दी गयी, जिसके चलते मृतकों के परिजन शवों की तलाश में आज भी भटक रहे है। जबकि दूसरी और गंगा स्वच्छ्ता के लिए हो-हल्ला करने वाले महज अखबारों और टीवी चैनलों में ही गंगा स्वच्छ्ता के दावे करते दिख रहे है। और गंगा में न जाने कितने शव आज भी गल रहे हैं। मृतकों के परिजन बैराज प्रबंधन और पुलिस की लापरवाही का खमियाजा भुगतने को विवश है। 

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