ऋषिकेश ,26मार्च। अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त धार्मिक एवं पर्यटन नगरी ऋषिकेश में सात समुंदर पार से आए विदेशी योग ध्यान और अध्यात्म के जरिए जहां भारतीय दर्शन शास्त्र और संस्कृति को समझने की कोशिशों में जुटे हुए हैं वहीं वह मानवता की सेवा के लिए भी मिसाल साबित हो रहे।
सोमवार की दोपहर त्रिवेणी घाट पर एक विदेशी महिला उस वक्त लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र बन गई जब उसने बुरी तरह से जख्मी एक कुत्ते की रोड पर ही सेवा करनी शुरू कर दी और फिर उसे उपचार दिलाने के लिए अपने साथ ही ले गई।बताया जा रहा है कि विदेशी महिला पिछले काफी अर्से से शहर में विभिन्न स्थानों पर घूम रहे आवारा पशुओं की सेवा में जुटी हुई है ।इस बाबत पता करने पर जानकारी मिली की साऊथ अफ्रीका से यहां घूमने आई उक्त महिला का नाम पामेला है।बताया जा रहा है कि उसे कहीं पर भी घायल अवस्था में गाय ,कुत्ते अथवा अन्य पशु दिखाई देते हैं वह उनकी मरहम पट्टी में जुट जाती है ।विडंबना देखिए एक और जहां देश में कलयुगी बच्चों द्वारा अपने मां-बाप को दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर कर देने के मामलों की बाड़ आ रखी है वही पाश्चात्य संस्कृति से जुड़े लोग रिश्तो की अहमियत को ना सिर्फ समझ रहे हैं बल्कि लोगों के लिए भी एक आदर्श मिसाल प्रस्तुत करने में जुटे हुए हैं। शहर में अनेकों मर्तबा गरीब लोगों की मदद के लिए विदेशियों को सहयोग का हाथ बढ़ाते हुए देखा जा सकता है ।फिर चाहे बात गरीब बच्चो के लिए शिक्षा की सामग्री जुटाने की हो या फिर निराश्रित लोगों के प्रति संवेदनाएं जताने की।सभी जगह विदेशियों द्वारा समय समय पर यहां रह रहे लोगों को आईना दिखाया जाता रहा है।इसके अलावा लक्ष्मण झूला राम झूला क्षेत्र सहित ऋषिकेश के विभिन्न क्षेत्रों में भी अनेकों विदेशी घायल पशुओं के उपचार को लेकर संजीदा नजर आए हैं।जोकि उन लोगों के लिए आखें खोलने के लिए काफी है जोकि अक्सर बेजुबान पशुओ को सड़को किनारे तड़फता देखने के बावजूद संवेदनहीनता का परिचय देकर आगे बड़ जाया करते हैं।


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