ऋषिकेश। उत्तराखंड जन विकास मंच का धरना व क्रमिक अनशन एम्स निदेशक को हटवाने को लेकर तथा उत्तराखंड के स्थाई व मूल निवासियों को रोजगार में समायोजित करने को लेकर धरना व क्रमिक अनशन 126 वे दिन लगातार जारी रहा क्रमिक अनशन पर बैठने वालों में गोपाल सिंह अधिवक्ता यतेंद्र थपलियाल तथा सौरव गुप्ता शामिल थे धरने व क्रमिक अनशन को समर्थन देने वालों में आशुतोष शर्मा राजू बर्थवाल गजेंद्र बिष्ट विजय नौटियाल सुरेंद्र सिंह हरिराम वर्मा नीतू शर्मा सुरेंद्र बर्थवाल होशियार सिंह राजेंद्र लोधी आदि उपस्थित थे मंच अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने कहा उत्तराखंड में बेरोजगारी के चलते युवा कुंठाग्रस्त हो रहे हैं तथा उनमें नशे की प्रवृति का प्रचलन बढ़ रहा है भविष्य में यह स्थिति भी दूर नहीं है कि उत्तराखंड की तुलना उड़ता पंजाब से की जाए एक तरफ युवा बेरोजगारों पर देहरादून में लाठीचार्ज की घटना कुछ समय पूर्व ही हुई है वहीं दूसरी तरफ उपनल में लंबे समय तक कार्यरत कार्मिकों के ऊपर जो कि गैर सैनिक हैं निकाले जाने की तलवार लटक रही है जिससे भविष्य में उनके परिवार पर रोजी रोटी का संकट सामने आ सकता है अतः जांच के नाम पर उन कार्मिकों हटाने की कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए इसके साथ-साथ उत्तराखंड में पंजीकृत युवा बेरोजगारों को एम्स तथा अन्य संस्थानों में रोजगार देने की सीमा को 70 प्रतिशत तक आरक्षित किया जाए ताकि सक्षम युवा मजबूत उत्तराखंड का सपना साकार हो सके।
ऋषिकेश। उत्तराखंड जन विकास मंच का धरना व क्रमिक अनशन एम्स निदेशक को हटवाने को लेकर तथा उत्तराखंड के स्थाई व मूल निवासियों को रोजगार में समायोजित करने को लेकर धरना व क्रमिक अनशन 126 वे दिन लगातार जारी रहा क्रमिक अनशन पर बैठने वालों में गोपाल सिंह अधिवक्ता यतेंद्र थपलियाल तथा सौरव गुप्ता शामिल थे धरने व क्रमिक अनशन को समर्थन देने वालों में आशुतोष शर्मा राजू बर्थवाल गजेंद्र बिष्ट विजय नौटियाल सुरेंद्र सिंह हरिराम वर्मा नीतू शर्मा सुरेंद्र बर्थवाल होशियार सिंह राजेंद्र लोधी आदि उपस्थित थे मंच अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने कहा उत्तराखंड में बेरोजगारी के चलते युवा कुंठाग्रस्त हो रहे हैं तथा उनमें नशे की प्रवृति का प्रचलन बढ़ रहा है भविष्य में यह स्थिति भी दूर नहीं है कि उत्तराखंड की तुलना उड़ता पंजाब से की जाए एक तरफ युवा बेरोजगारों पर देहरादून में लाठीचार्ज की घटना कुछ समय पूर्व ही हुई है वहीं दूसरी तरफ उपनल में लंबे समय तक कार्यरत कार्मिकों के ऊपर जो कि गैर सैनिक हैं निकाले जाने की तलवार लटक रही है जिससे भविष्य में उनके परिवार पर रोजी रोटी का संकट सामने आ सकता है अतः जांच के नाम पर उन कार्मिकों हटाने की कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए इसके साथ-साथ उत्तराखंड में पंजीकृत युवा बेरोजगारों को एम्स तथा अन्य संस्थानों में रोजगार देने की सीमा को 70 प्रतिशत तक आरक्षित किया जाए ताकि सक्षम युवा मजबूत उत्तराखंड का सपना साकार हो सके।


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