ऋषिकेश, 15 अप्रैल। परमार्थ गंगा तट पर भारत लोक शिक्षा परिषद और परमार्थ निकेतन के संयुक्त तत्वाधान में 9 अप्रैल से 15 अप्रैल तक आयोजित एकल सांस्कृतिक कथा महोत्सव का समापन देश के पूज्य संतों, प्रतिष्ठित राजनेताओें एवं गणमान्य अतिथियों की पावन उपस्थिति में हुआ।
आज के इस दिव्य कथा समापन महोत्सव में परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती, रामानन्दाचार्य स्वामी हँसदेवाचार्य, महामण्डलेश्वर स्वामी हरिचेतना नन्द , महामण्डलेश्वर स्वामी ज्यातिर्मयानन्द , महामण्डलेश्वर भक्त हरि एंव अन्य पूज्य संतांे ने सहभाग किया।
इस अवसर पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा, ’एकल प्रयास सबल प्रयास, सफल प्रयास है’। आगे भी भारत लोक शिक्षा परिषद और परमार्थ निकेतन दोनों मिलकर शिक्षा और संस्कारय नदियों और पर्यावरण संरक्षण तथा स्वच्छता और स्वास्थ्य के लिये कार्य करेंगे। स्वामी जी महाराज ने कथा में उपस्थित सैकड़ों भक्तों को पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण का संकल्प कराया।
रामानन्दाचार्य स्वामी हँसदेवाचार्य ने कहा कि एकल अभियान भारत के समग्र विकास का आन्दोलन है। शिक्षा, संस्कार, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण और वृक्षारोपण के प्रति समाज को जाग्रत कर भारत का विकास सम्भव है। उन्होने कहा कि एकल आन्दोलन से आने वाली पीढ़ियों में ंसंस्कृति और संस्कारों का बीजारोपण किया जा सकता है अतः इस अभियान को मुक्त हस्त से सहयोग करने का निवेदन किया।’ इस अवसर पर उन्होने 2,50,000 रूपये की धनराशी का चैक प्रदान किया।
कथा आयोजक, भारत लोक शिक्षा परिषद के अध्यक्ष और मुख्य यजमान श्री नंदकिशोर अग्रवाल जी ने कहा कि ’हमारा प्रयास है कि भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लिया संकल्प कि एकल विद्यालय भारत के हर गांव तक पंहुचें इसे हम सभी मिलकर पूरा करेंगे। एकल का उद्देश्य है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, जागरूकता और संस्कारों का विकास भारत के हर बच्चे में समाहित हो इस अभियान हेतु हम भारत के हर गांवों तक जायेंगे और इसे सफल बनायेंगे।’
इस अवसर पर एकल परिवार के अध्यक्ष नंदकिशोर अग्रवाल, माधवेन्द्र, नीरज रायजादो, अखिल गुप्ता, अजय पंवार, लोकेश शर्मा जी तथा परमार्थ परिवार के आचार्य संदीप शास्त्री, लक्की सिंह, हरिओम शर्मा, राजेश दीक्षित, आचार्य दीपक, संदीप गौर, किशोर भट्ट एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।

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