ऋषिकेश। रविवार को एम्स ऋषिकेश में दो दिवसीय न्यूक्लियर मेडिसिन सिंपोजियम संपन्न हुआ। गत दिवस इस सिंपोजियम का उदघाटन एम्स ऋषिकेश के निदेशक डॉ रविकांत ने किया था। एम्स ऋषिकेश में हाल ही में न्यूक्लियर मेडिसिन डिपार्टमेंट अस्तित्व में आया है। न्यूक्लियर मेडिसिन में रेडियो एक्टिव तत्वों का प्रयोग बीमारी की पहचान एवं इलाज के लिए किया जाता है । दो दिवसीय इस कार्यशाला में देश भर से आए हुए डॉक्टरों का सहभाग रहा। इसमें कैंसर की पहचान एवं इलाज में न्यूक्लियर मेडिसिन किस तरह से उपयोगी हो सकती है इस पर एक बृहद चर्चा हुई । प्रोस्टेट कैंसर और न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर के इलाज में न्यूक्लियर मेडिसिन के तहत थेरानौस्टिक मॉडल का प्रयोग काफी सफल रहा है।
इस कार्यशाला में विभिन्न विभागों की चिकित्सा में न्यूक्लियर मेडिसिन का उपयोग किस तरह कारगर ही सकता है, इस पर् भी चर्चा हुई।
इस सेमिनार में एसजीपीजीआई से प्रो संजय गंभीर, ऐम्स दिल्ली से प्रो राकेश कुमार, भाभा परमाणु केंद्र मुम्बई से डॉ संदीप बसु, डी.एस.सी. आय. से प्रो अरुण मल्होत्रा, केजीएमयू लखनऊ से प्रो पूजा रमाकांत, ऐम्स ऋषिकेश से वरिष्ठ ब्रैस्ट सर्जन प्रो बीना रवि मुख्य वक्ता थे। कार्यक्रम में एम्स के नुक्लेअर विभाग के प्रो मनोज गुप्ता, डॉ मनीषी नारायण तथ डॉ वंदना ढींगरा आयोजको में शामिल थे।
इस कार्यशाला में विभिन्न विभागों की चिकित्सा में न्यूक्लियर मेडिसिन का उपयोग किस तरह कारगर ही सकता है, इस पर् भी चर्चा हुई।
इस सेमिनार में एसजीपीजीआई से प्रो संजय गंभीर, ऐम्स दिल्ली से प्रो राकेश कुमार, भाभा परमाणु केंद्र मुम्बई से डॉ संदीप बसु, डी.एस.सी. आय. से प्रो अरुण मल्होत्रा, केजीएमयू लखनऊ से प्रो पूजा रमाकांत, ऐम्स ऋषिकेश से वरिष्ठ ब्रैस्ट सर्जन प्रो बीना रवि मुख्य वक्ता थे। कार्यक्रम में एम्स के नुक्लेअर विभाग के प्रो मनोज गुप्ता, डॉ मनीषी नारायण तथ डॉ वंदना ढींगरा आयोजको में शामिल थे।


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