वाणिज्य कर विभाग के अफसरों की आने वाले दिनों में मुश्किलें बढ़ सकती है. औद्योगिक घरानों और उद्योगपतियों से मिलीभगत कर सरकार को हज़ारों करोड़ के राजस्व का नुकसान पहुंचाने के मामले में नैनीताल हाईकोर्ट 23 अप्रैल को सुनवाई करेगा.

बता दें कि रुड़की निवासी धर्मेन्द्र सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा है कि वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों ने औद्योगिक घरानों और उद्योगपतियों से मिलकर सरकार को हजारों करोड़ का टैक्स चोरी किया गया है.

याचिका में 47 अधिकारियों को पार्टी बनाया गया है. याचिका में कहा गया है कि पूरे मामले की सीबीआई के साथ आयकर विभाग की भी जांच हो. याचिका में मांग की गई है कि हाईकोर्ट की निगरानी में मामले की जांच की जाए.

नैनीताल हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद कोर्ट की खण्डपीठ ने सरकार को तीन दिन में जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं. इसके साथ ही याचिककर्ता को एक लाख की जमानत राशि हाईकोर्ट में जमा करने को कहा है. कोर्ट के इस फैसले से महकमे में खलबली मच गई है.

हालांकि खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर ने याचिककर्ता को ही कठघरे में खड़ा करते हुए याचिका को मोटिवेटेड करार दिया. अगली सुनवाई सोमवार के लिए नियत की गई है.

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