युवाओं से किया आह्वान बहकने की नहीं बल्कि महकने की दिशा की ओर बढ़े- स्वामी चिदानन्द सरस्वती
ऋषिकेश, 12 अप्रैल। लोकसभा की अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन, साध्वी ऋतम्भरा दीदीजी, उत्तराखण्ड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द्र अग्रवाल जी ने परमार्थ निकेतन परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष, गंगा एक्शन परिवार के प्रणेता एवं ग्लोबल इण्टरफेथ वाश एलायंस के संस्थापक स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज से भंेटवार्ता कर आशीर्वाद लिया।
 स्वामी  महाराज ने विशिष्ट अतिथियों से नारी सशक्तीकरण, गौ संवर्धन और नदियों में गिरते नालों के विषयों पर विश्द चर्चा की।
  पूज्य स्वामी जी से मुलाकात कर श्रीमती महाजन , साध्वी ऋतम्भरा दीदीऔर प्रेमचन्द्र अग्रवाल  ने परमार्थ प्रागंण में राष्ट्र को सशक्त बनाने एवं छात्रों को शिक्षित और संस्कारित करने हेतु भारत लोक शिक्षा परिषद और परमार्थ निकेतन आश्रम के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में सहभाग किया। कथा व्यास स्वामी श्री गोविन्द देव गिरि जी महाराज ने आज गजेन्द्र मोक्ष, श्री वामन अवतार, श्री रामचरित्र एवं श्री कृष्ण जन्मोत्सव की कथा का गुणानुवाद किया। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में उपस्थित भक्तगण मंत्रमुग्ध होकर कथा को आत्मसात कर रहे थे।
 चर्चा के दौरान स्वामी  महाराज ने कहा श्रीमती महाजन जी की सरलता, सजगता, सादगी, सात्विकता और समरसता सचमुच अद्भुत है जब से वे आयी है तब से सभी कह रहे है कि वाह, क्या इस देश को स्पीकर मिली है; स्पीकर हो तो ऐसी हो; मातृ शक्ति हो तो ऐसी हो यह उनके लिये थे सभी के उद्गार। स्वामी जी ने कहा कि जीवन में जब पवित्रता और दिव्यता होती है तो उसका असर दूर तक जाता है वे वास्तव में सच्ची और सात्विक मातृ शक्ति है जो भारत के लिये वरदान है। जिस मातृ शक्ति के गीत वेदों, पुराणों, शास्त्रों, संस्कृति और संस्कारों ने गाये ह,ै धन्य हो ऐसी दिव्यता की मूर्ति, लोकसभा के उस आसन को सुशोभित; अलंकृत और संस्कारित करने वाली श्रीमती सुमित्रा महाजन जी।
 श्रीमती सुमित्रा महाजन जी ने परमार्थ आकर गंगा स्नान, भगवत ध्यान और कथा श्रवण तथा उन्होने पूरा दिन प्रभु भक्ति और देश भक्ति के लिये समर्पित किया। स्वामी जी ने कहा कि धन्य है सुमित्रा जी महाजन।
 स्वामी जी महाराज ने परमार्थ निकेतन में साध्वी ऋतम्भरा दीदीजी का अभिनन्दन करते हुये कहा कि साध्वी जी ने इस देश की युवा धड़कन को बढ़ाया, इस देश की सोती हुयी युवा शक्ति को जगाया और युवाओं में सिंह गर्जना करते हुये भारत के लिये, भारतीय संस्कृति के लिये जिन्होने अपने जीवन को बचपन से लेकर आज तक समर्पित कर भारत को गौरवान्वित किया है।
 श्रीमती सुमित्रा महाजन जी ने सभी से अनुरोध किया कि ’जिस प्रकार हम अपने बच्चों के लिये सोचते है और करते है वैसे अन्य बच्चों के लिये भी सोचे। उन्होने आयोजकों को एक एकल विद्यालय के लिये चेक प्रदान किया। उन्होने कहा कि हम अपने बच्चों की भलाई के लिये जो कार्य करते है वह अन्य बच्चों के लिये भी करे तो शिक्षा को हर बच्चे तक पहंुचा सकते है। हम उन सब बच्चों को अपना ले जिनकी पहुंच विद्यालय तक नहीं है।’
 साध्वी ऋतम्भरा दीदीजी ने कहा कि ’यहा उपस्थित सभी भाई-बहन एकल विद्यालय के लिये संकल्प लें क्योंकि संकल्प स्वयं सिद्धि तक पहुंच जाता है। उन्होने भगवान श्रीराम चरित्र का वर्णन करते हुये कहा कि जिस प्रकार श्री रामचन्द्र जी ने सारी छोटी-छोटी शक्तियों को एकत्र करके अभियान चलाया था हमें भी उससे शिक्षा ग्रहण करना चाहिये। साध्वी जी ने नारी शक्ति के बारे मंे अपने विचार व्यक्त करते हुये कहा कि विश्व के अन्य देशों से अधिक नारियों की प्रतिष्ठा भारत में है, नारी शक्तियों का स्रोत है।’
  स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने श्रीमती सुमित्रा महाजन जी, साध्वी ऋतम्भरा दीदी जी, श्री प्रेमचन्द्र अग्रवाल जी एवं अन्य अतिथियांे को पर्यावरण का प्रतीक रूद्राक्ष का पौधा भेंट किया। सभी विशिष्ट अतिथियों ने पूज्य स्वामी जी महाराज के साथ विश्व स्तर पर जल एवं स्वच्छता की उपलब्धता बनी रहे इस भावना से वाटर ब्लेसिंग सेरेमनी सम्पन्न की।

Post A Comment: