दुर्गेश मिश्रा
ऋषिकेश। देशभर में चर्चा व विरोध का कारण बनी लीला भंसाली फिल्म पद्यमावत के लेखक तेजपाल सिंह धामा का कहना है कि यह फिल्म उनके द्वारा लिखे गए उपन्यास ‘अग्नि की लपटें’ पर आधारित फिल्म है जो कि ऐतिहासिक दस्तावेजों के आधार पर बनाई गई है। तेजपाल सिंह धामा व उनकी पत्नी मधु धामा जिन्होंने कई उपन्यासों की रचना भी की है आजकल तेजपाल व उनकी पत्नी ऋषिकेश तीर्थ नगरी में आए हुए हैं और वह कई नाटकों का मंचन करने के साथ उपन्यासों की रचना भी कर रहे हैं तेजपाल सिंह धामां का कहना है कि उन्होंने तथा उनकी पत्नी मधु धामा ने अभी तक हर आयु की उम्र दराज बच्चों से लेकर बृद्ध लोगो तक के लिए उपन्यासों की रचना भी की है। जिसमें आजाद हिंद की पहली जासूस, मुस्लिम विदुषियों की घर वापसी, बाल वेद ,सबसे अधिक लोकप्रिय उपन्यासों में रहे हैं उनका कहना था कि हांलाकी उनकी पत्नी मधु धामा जो कि मुस्लिम परिवार से हैदराबाद की रहने वाली है और वह स्वयं ग्रामीण परिवेश खेकड़ा गांव बागपत मेरठ जिले के रहने वाले हैं उनका कहना था कि लीला भंसाली पद्मावत फिल्म की पटकथा लिखने में उन्होंने एक किरदार के रूप में अपनी भूमिका निभाई है आज शुक्रवार को तेजपाल सिंह धामा उनकी पत्नी मधु धामा के जीवन पर आधारित एक नाटिका का मंचन किया गया जिसका निर्देशन सुनील चैहान ने किया जिसमें तेजपाल सिंह धामा की भूमिका आयुष शर्मा और उनकी पत्नी की भूमिका तपस्या शर्मा ने बखूबी निभाई तथा तेजपाल सिंह धामा के पिता की भूमिका में चंद्रहास बजाज निभा रहे हैं जो कि पेशे से एक व्यापारिक है नाटिका में तेजपाल सिंह धामा की मां का किरदार सुनैना बिष्ट निभा रही हैं।

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