नैनीताल जिले के बेताल घाट क्षेत्र के कटमी गजार गांव के बंजर बलुई भूमि पर कड़ी मेहनत से अपने और परिवार की तकदीर सवारने वाले किसान हरगिरी ने कृषि के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है. पिछले कई सालों में जहां गांव के कई लोगों ने पलायन किया वहीँ अपनी कर्मठता से बिना किसी सरकारी मदद के अपनी हाड़तोड़ मेहनत से हरगिरी ने बंजर जमीन को भी हरा-भरा कर दिया. उनके भगीरथ प्रयासों को मुख्यमंत्री ऐप से सहारा मिला है और उनके लिए कृषि कुछ आसान हो गई है.

हरगिरी स्वंय लगभग 30 मीटर गहरा गड्ढा खोदकर, निजी पम्प सेट से प्याज, लहसुन और आलू का उत्पादन कर रहे हैं. खेतों के आस-पास आज तक बिजली न होने की वजह से वह पम्प सेट को डीज़ल से चला रहे थे. खेतों के चारों ओर जंगल और झाड़ी होने की वजह से रात को जंगली जानवरों का खतरा रहता है फिर भी हरगिरी टिन शेड में दिया और लकड़ी जलाकर अपनी रात गुजार रहे थे.

हरगिरी का कहना है कि वह कई सालों से जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को अपनी समस्या बता रहे थे परन्तु समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा था.

उनके पुत्र प्रेम ने कुछ दिन पहले अखबार में पढ़ा कि मुख्यमंत्री उत्तराखंड के मोबाइल एप्प पर शिकायत दर्ज कराने से कई लोगों की समस्या का समाधान बहुत शीघ्र हो गया. इससे प्रेरित होकर हरगिरी के बेटे प्रेम ने मुख्यमंत्री मोबाइल ऐप को डाउनलोड किया और अपनी समस्या इसमें दर्ज की.


मुख्यमंत्री कार्यालय ने ऊर्जा विभाग को किसान हरगिरी के खेतों में बिजली पहुंचाने के निर्देश दिए. कुमाऊं UPCL के चीफ इंजीनियर ने अधिकारियों को तुरंत किसान हरगिरी को बिजली मुहैया कराने के आदेश दिए.

ऐप पर शिकायत प्राप्त होने के सिर्फ़ 18 घंटे के अन्दर ही किसान हरगिरी के खेतों में बने घर में सरकार द्वारा मुफ्त नया बिजली का कन्नेक्शन लगा दिया गया है. बिजली का कनेक्शन लगने से हरगिरी और उनका परिवार बहुत खुश है और उन्होंने मुख्यमंत्री को इसके लिए धन्यवाद दिया है.

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