सीबीएसई से मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में एनसीईआरटी किताबें अनिवार्य करने के मुद्दे पर अब त्रिवेंद्र सरकार को जनता का साथ मिलने लगा है. हल्द्वानी में अभिभावकों ने निजी स्कूलों की मनमानी के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया और सरकार का साथ देने का ऐलान किया.

दरअसल सरकार ने सरकारी के साथ ही सीबीएसई से मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में भी एनसीईआरटी की किताबें अनिवार्य कर दी हैं. इसके विरोध में निजी स्कूल संचा हड़ताल पर चले गए हैं और दो तारीख से खुलने वाले स्कूल आठ तारीख तक बंद कर दिए गए हैं.

मंगलवार को हल्द्वानी के अभिभावक खुलकर शिक्षा विभाग के फैसले के साथ आ गए. अभिभावक संघर्ष समिति के बैनर तले अभिभावकों ने बुद्ध पार्क में खुली बैठकर सरकार के फैसले का समर्थन किया और प्राइवेट स्कूलों के अड़ियल रुख को गलत करार दिया.

अभिभावकों का कहना है कि सरकार के फैसले से उनका किताबों पर खर्च होने वाला आर्थिक बोझ कम हुआ है. इसलिए वह सरकार के साथ हैं.

समिति के अध्यक्ष मदन मोहन जोशी ने कहा कि कमीशनखोरी के चक्कर में कुछ निजी स्कूल संचालक एनसीईआरटी की किताबें लागू करने का विरोध कर रहे हैं जिसका अभिभावक विरोध करते रहेंगे. उन्होंने शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे को धन्यवाद दिया और कहा कि इस फ़ैसले में सभी अभिभावक उनके साथ हैं.

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