उत्तरकाशी। उत्तराखण्ड के उत्तरकाशी जिले में जिला सत्र एवं न्यायाधीश डीपी गैरोला की आदालत ने सामूहिक दुष्कर्म के तीन आरोपियों को 20-20 साल सश्रम कारावास व 25 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह के साथ कई महत्पूर्ण साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। 
मामला मार्च 2017 का है जब जिला मुख्यालय उत्तरकाशी के समीप रहने वाली एक पीड़िता अपनी सहेली के घर पर रहने गई थी। इसी दौरान पीड़िता ने अपने पुरूष दोस्त को बताया कि उसके फोन की वैटरी खत्म हो गई है, जिसे चार्ज करना है। जिस पर उसके दोस्त ने उसे रामलीला मैदान के पास बुलाकर पफोन चार्ज के लिए दे देने को कहा। इसी दिन रात लगभग 8 से 9 के बीच में पीड़िता अपने पुरूष दोस्त के साथ केदार घाट पुल की ओर घूमने गई थी। तभी सामने से आ रहे चार युवक उन पर अभद्र टिप्पणी करने लगे। इस दौरान कुछ देर बाद जब पीड़िता अपने दोस्त के साथ केदार घाट पुल के समीप नदी के किनारे बैठी तो आरोपी अजय भट्ट, आशीष बिजल्वाण, मनीष अवस्थी, विजय शंकर ने उसके पुरुष दोस्त के साथ मारपीट करनी शुरू कर दी और उसके साथ जबरन तीनों अरोपियों ने बारी-बारी करके दुष्कर्म किया। रात को तीनों अरोपी पीड़िता को उठा कर अपने साथ कोटी गांव ले गए और रात भर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद अगले दिन आरोपियों ने पीडिता को सुबह चार बजे इन्द्रावती पुल के पास छोड़ दिया। इसके बाद पीड़िता किसी तरह अपनी सहेली के यहां पहुंची और उसे घटना के बारे में उसे बताया। इसी बीच उसका पुरुष दोस्त भी वहां पहुंच गया। जिसके बाद उन्होंने पीड़िता के माता-पिता को घटना की जानकारी दी। जिस पर परिजन पीड़िता को लेकर थाना कोतवाली पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले में अभियोजन पक्ष शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गंभीर सिंह चैहान की ओर से आठ गवाह के साथ अन्य कई साक्ष्य पेश किए गए। सोमवार को जिला जज डीपी गैरौला ने धारा 376 डी में अरोपी आशीष बिजल्वाण, अजय भट्ट व मनीष अवस्थी को बीस-बीस साल का सश्रम कारावास के साथ 25 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। जबकि एक आरोपी विजयशंकर को अन्य सभी धराओं से दोषमक्त करते हुए 323व 34 में मारपीट करने के आरोप में छह माह के कारावास की सजा सुनाई है। 

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