ऋषिकेश 7 जुलाई ! कृषि उत्पादन- मंडी समिति ऋषिकेश  में पिछले काफी समय मंडी समिति मे चल रहा स्थांतरण पोस्टिंग का गोरख धंधा जिसे लेकर कर्मचारीयो- मे रोष उत्पन्न है। जिनका आरोप है कि सरकार की गलत नीतियों के परिणामस्वरूप अधिकारी इसका लाभ उठा रहे है। और अपने चहेतों को मलाईदार पदो वह स्थानो पर नियुक्तिया दे रहे है।इसी के  चलते सहायक  पद पर किशन पाल सिंह का स्थानांतरण होने के बावजूद भी वह ऋषिकेश मैं ही जमा है जिससे कर्मचारियों में रोष उत्पन्न हो रहा है  जिन का कहना है कि यह कर्मचारी दुकानदारों के  नवीनीकरण ,चालान फार्म उनके पंजीकरण केंद्र मैं ले  जाकर  उनके फार्म कटवा रहा है जिसका कुप्रभाव  पर भी पड़ रहा है उनका कहना है कि उक्त कर्मचारी का जब ट्रांसफर हो चुका है तो  उसे ऋषिकेश कार्यालय में कार्य करने से रोका जाए किशन पाल सिंह ऋषिकेश मंडी समिति मे 12 वर्ष तक जमे रहे आज का आदित्य समाचार पत्र ने जब किशन पाल सिंह के बारे समाचार छापा कि 12 वर्षो से एक ही स्थान पर बने हुए है मठाधीश । आखिर सूत्रों के मुताबिक अब ये सुनने मे आ रहा है कि किशन पाल सिंह को फिर से ऋषिकेश लाया जा रहा है अभी एक वर्ष भी नही हुआ किशन पाल सिंह का दून मे स्थांतरण हुए और फिर से किशन पाल सिंह को एक वर्ष के भीतर ही पुनः ऋषिकेश मंडी मे मंडी सहायक आखिर किशन पाल सिंह मे ऐसी कौन सी शहद, व जादुई छड़ी है कि उनके आगे दमदार सिस्टम भी नतमस्तक हो गया है। जबकि नियमावली के अनुसार 3 वर्ष के उपरांत ही कर्मचारियों का स्थानांतरण किये जाने का प्रावधान है। इसमे उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड मंडी भवन रुद्रपुर निदेशालय से मंडी कर्मचारियो से उक्त अवधि के अंतर्गत स्थांतरण हेतु विकल्प लिए गए थे । लेकिन बिना विकल्प लिए नियम विरुद्ध भी स्थांतरण किये गये है ।

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