रुद्रपुर। एनएच 74 घोटाले में एसआईटी ने आइएएस अफसरों के पफैक्स के जवाब में दूसरा नोटिस जारी कर दिया है। एसआईटी की जांच की दिशा इस ओर इशारा कर रही है कि यदि सरकार ने अभियोजन चलाने की अनुमति दी तो दोनों आइएएस अफसरों पर आपराधिक मामला चलेगा। दरअसल, एसआईटी दोनों आईएएस अफसरों से पूछताछ करने के बाद अपनी रिपोर्ट फिर शासन को भेजेगी। उसके बाद यह निर्णय लिया जाएगा कि अफसरों पर विभागीय कार्रवाई होगी अथवा उनके खिलाफ आपराधिक मामला चलेगा।
गौरतलब है कि गत दिवस दोनों आईएएस अफसरों ने एसआईटी के नोटिस के जवाब में बयान दर्ज कराने के लिए 18 अगस्त तक का समय मांगा था, जिस पर एसआईटी ने दोनों आईएएस अफसरों को बयान देने के लिए दूसरा नोटिस भेज दिया है। सूत्रा बताते हैं कि दोनों आईएएस अफसरों से लंबी पूछताछ की जानी है। अफसरों के बयान के बाद एसआईटी शासन को फिर से अपनी रिपोर्ट भेजेगी। जो डीओपीटी को भेजी जाएगी। अभी गेंद पिफर शासन के पाले में जाएगी, क्योंकि एसआईटी की जांच रिपोर्ट पर शासन को यह तय करना होगा कि दोनों आईएएस अफसरों के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति दी जाए अथवा उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए। फिलहाल एसआईटी की जांच की दिशा यही प्रतीत होती है कि अफसरों पर आपराधिक मुकदमा चल सकता है, क्योंकि जब गलत पीसीएस अफसरों पर आपराधिक मुकदमा चल रहा है तो गलत कार्य करने वाले आइएएस अफसरों को कैसे बचाया जा सकता है।

Post A Comment: