नई दिल्ली। उत्तराखंड के वित्त मंत्री प्रकाश पन्त ने शनिवार को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित GST कॉउन्सिल की बैठक में प्रतिभाग किया। GST कॉउन्सिल की बैठक इस बार मुख्यतः MSME सेक्टर पर केंद्रित रही। उत्तराखंड के वित्त मंत्री द्वारा प्रदेश में MSME सेक्टर की निम्नलिखित समस्याओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए कॉउन्सिल से इनके समाधान हेतु विचार करने का अनुरोध किया :- (1) डेढ़ करोड़ तक टर्न ओवर वाले व्यापारियों को CGST 100 प्रतिशत तथा IGST 50 प्रतिशत प्रतिपूर्ति करने का प्रावधान लाया जाय। (2) औद्योगिक पैकेज का लाभ लेने वाली यूनिट को DIPP (औद्योगिक नीति एवं संवर्द्धन विभाग) के तहत पूरा क्लेम नहीं मिला है। 837 करोड़ में से मात्र 314 करोड़ दिया गया है। अवशेष राशि भी प्रदान की जाय। (3) आइस क्रीम निर्माताओं को समाधान स्कीम के तहत लाया जाय। वर्तमान में इन्हें कंपोजिट स्कीम से बाहर रखा गया है। (4) अनब्रांडेड नमकीन को भी 12 से 5 प्रतिशत में लाया जाय, जिससे छोटे व्यापारी भी survive कर सकें। (5) GST जमा करने हेतु RBI में रजिस्टर्ड सभी बैंकों में सुविधा प्रदान की जाय। वर्तमान में मात्र 14 बैंको में यह सुविधा उपलब्ध है। (6) फार्म की जटिलता के कारण MSME सेक्टर की कुछ कंपनी रिटर्न्स दाखिल नहीं कर पाई हैं, उन्हें one time settlement के तहत विलंब शुल्क की छूट प्रदान करते हुए सुविधा प्रदान की जाय। (7) GST और इनकम टैक्स के ऑडिट रिपोर्ट को मर्ज कर दिया जाय, जिससे व्यापारी के समय व धन दोनों की बचत होगी। (8) GST कॉमन सेंटर में ऑफ लाइन/mannual रिटर्न्स दाखिल करने की सुविधा प्रदान की जाय। (9) MSME द्वारा किये जा रहे जॉब वर्क के लिए राज्य के भीतर ई-वे बिल की अनिवार्यता समाप्त कर दी जाय।
बैठक श्री पीयूष गोयल, केंद्रीय वित्त मंत्री की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।
बैठक में आयुक्त राज्य कर श्रीमती सौजन्या, अपर आयुक्त श्री पीयूष कुमार व संयुक्त आयुक्त श्री राकेश वर्मा उपस्थित रहे। पंकज गुप्ता अध्यक्ष प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ऋषिकेश

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