ऋषिकेश।अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, ऋषिकेश में इंडियन सोसायटी ऑफ एनेस्थीसिया उत्तराखंड द्वारा आयोजित तीन दिवसीय संगोष्ठी के दूसरे दिन मुख्य अतिथि एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर डॉक्टर रवि कांत ने एनेस्थीसिया की विदेशी पद्धति को भारत में अपनाए जाने पर जोर दिया। उन्होंने शनिवार को संगोष्ठी के दूसरे दिन के कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान एम्स निदेशक डॉक्टर रवि कांत ने एनेस्थीसिया की उपयोगिता बताई,साथ ही अवगत कराया कि ऑपरेशन के दौरान किस तरह से मरीज की सुरक्षा बढ़ाई जा सकती है। एम्स निदेशक ने इस पद्धति के विकास के लिए नई सोच की जरूरत बताई,उन्होंने जोर दिया कि एनेस्थीसिया की विदेशी पद्धति को देश में लागू किया जाना चाहिए।
मलेशिया के एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉक्टर रवीन थिरन ने संगोष्ठी में शामिल प्रतिभागियों को विदेशों में एनेस्थीसिया ऑपरेशन के तौर तरीकों से अवगत कराया।
आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉक्टर मुकेश त्रिपाठी ने कहा कि एनेस्थीसिया के दौरान मरीज की निगरानी को अहम बताया।कहा कि इससे रोगी की सुरक्षा बढ़ती है, जिससे ऑपरेशन के बेहतर आते हैं।
संगोष्ठी में एम्स दिल्ली, जोधपुर, रायपुर, बीएचयू, पीजीआई चंडीगढ़ समेत विदेशी विशेषज्ञ चिकित्सक भी शिरकत कर रहे हैं। इस अवसर पर इंडियन सोसायटी ऑफ एनेस्थीसिया उत्तराखंड इकाई के अध्यक्ष कर्नल जीएस जीते, सोसायटी की सचिव डॉक्टर गीता भंडारी, आयोजन समिति के सचिव डॉक्टर अंकित अग्रवाल,डॉक्टर प्रदीप भाटिया, डॉक्टर डीके सिंह, डॉक्टर जीडी पुरी,डॉक्टर एसके माथुर आदि मौजूद थे।
मलेशिया के एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉक्टर रवीन थिरन ने संगोष्ठी में शामिल प्रतिभागियों को विदेशों में एनेस्थीसिया ऑपरेशन के तौर तरीकों से अवगत कराया।
आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉक्टर मुकेश त्रिपाठी ने कहा कि एनेस्थीसिया के दौरान मरीज की निगरानी को अहम बताया।कहा कि इससे रोगी की सुरक्षा बढ़ती है, जिससे ऑपरेशन के बेहतर आते हैं।
संगोष्ठी में एम्स दिल्ली, जोधपुर, रायपुर, बीएचयू, पीजीआई चंडीगढ़ समेत विदेशी विशेषज्ञ चिकित्सक भी शिरकत कर रहे हैं। इस अवसर पर इंडियन सोसायटी ऑफ एनेस्थीसिया उत्तराखंड इकाई के अध्यक्ष कर्नल जीएस जीते, सोसायटी की सचिव डॉक्टर गीता भंडारी, आयोजन समिति के सचिव डॉक्टर अंकित अग्रवाल,डॉक्टर प्रदीप भाटिया, डॉक्टर डीके सिंह, डॉक्टर जीडी पुरी,डॉक्टर एसके माथुर आदि मौजूद थे।


Post A Comment: