देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री का स्टिंग न कर पाने पर पत्रकार को धमकी देने के मामले में आरोपी एक चैनल के सीईओ उमेश कुमार शर्मा को आज एसीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में पेश होने के बाद उमेश ने सरकार से खुद को जान का खतरा बताया है। स्थानीय वकीलों की हड़ताल के कारण किसी वकील ने पैरवी नहीं की। पैरवी के लिए अधिवक्ता दिल्ली से आये हैं। उमेश को कड़ी सुरक्षा के बीच एसीजेएम थर्ड रिंकी साहनी कोर्ट में पेश किया गया। आरोपी को गाजियाबाद स्थित उसके घर से उत्तराखंड पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
आरोपी के घर से लगभग 40 लाख रुपये नकद, 16 हजार अमेरिकी डॉलर, 11 हजार थाई मुद्रा भात और दर्जनों स्टिंग की रिकॉर्डिंग बरामद की गई है। बताया जा रहा है कि उसने मुख्यमंत्री के एक करीबी का स्टिंग किया था, जिसके बाद वसूली में यह रकम प्राप्त की थी। रंगदारी के इस मामले में आयुर्वेद विवि के कुलसचिव (निलंबित) मृत्युंजय मिश्रा समेत चार अन्य भी मुल्जिम हैं।
मुकदमा राजपुर थाने में बीती 10 अगस्त को चैनल के ही पत्रकार आयुष गौड़ की तहरीर पर दर्ज किया गया था। गौड़ का आरोप है कि उमेश शर्मा राजनेताओं और अधिकारियों का स्टिंग करता है, लेकिन ये स्टिंग चैनल पर प्रसारित नहीं होते। बल्कि, संबंधित लोगों पर दबाव डालकर स्टिंग के एवज में मोटी रकम वसूली जाती है।
आरोप है कि उमेश लगातार गौड़ पर भी कुछ अधिकारियों व मुख्यमंत्री का स्टिंग करने का दबाव बना रहा था। इसी क्रम में उमेश ने इसी साल 12 जनवरी को गौड़ को विश्वास दिलाया कि उत्तराखंड के अधिकारी व राजनेता भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। उमेश ने गौड़ से कुछ टेंडर हासिल करने की बात कहते हुए अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश का स्टिंग करने को कहा। कहा कि आठ फरवरी को मृत्युंजय मिश्रा उसे अपर सचिव ओमप्रकाश से मिलवाएगा
उसने गौड़ को वहां कुछ पैसे लेकर जाने और बातचीत में ही अपर मुख्य सचिव को पैसे देने को कहा। इसके लिए गौड़ को कुछ खुफिया कैमरे भी दिए गए। तय तिथि पर गौड़ की मिश्रा से मुलाकात हुई और मुख्यमंत्री से मुलाकात का वक्त भी तय हो गया।
गौड़ ने पुलिस को बताया कि लगभग एक माह तक बातचीत और मुलाकात होती रहीं, लेकिन यह तय नहीं हुआ कि कोई अधिकारी या राजनेता पैसे की मांग कर रहा है। तय वक्त पर मुख्यमंत्री से भी मुलाकात नहीं हो पाई। लिहाजा उसने स्टिंग नहीं किया। इसके बाद उमेश कुमार शर्मा ने स्टिंग की जिम्मेदारी राहुल भाटिया को सौंप दी। इसके बाद गौड़ और राहुल भाटिया को पांच मई को सीएम आवास पर स्टिंग के लिए भेजा गया।

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