ऋषिकेश ,19अक्टूबर। श्री कृष्णायन  देशी गौरक्षाशाला एवं गो सेवा धाम समिति ने राज्य व केंद्र सरकार से गाय को राष्ट्रीय माता घोषित किए जाने के साथ गायों की रक्षा के लिए देश के प्रत्येक जिले में गौशाला बनाए जाने के लिए अभियान चलाए जाने की मांग की ।समिति के अध्यक्ष महामंडलेश्वर ईश्वरदास एवं स्वामी अच्युतानंद ने केंद्र सरकार को संयुक्त रूप से दिए गए ज्ञापन की स्वर्ग आश्रम क्षेत्र में आयोजित की गई शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में  देते हुए बताया  कि अब केंद्र व राज्य में हिंदू समर्थक सरकारे हैं। जो कि गौ -गंगा -गायत्री की रक्षा के लिए समर्पित है। जिसे तत्काल राष्ट्रहित में हो रही गौ की तस्करी रोके जाने के साथ और निर्मम गायों की हत्या को भी रोका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गाय बचेगी तो हिंदू धर्म भी बचेगा ,क्योंकि गाय में हिंदू 33 करोड़ देवी देवताओं का वास देखता है। उन्होंने कहा कि गाय हिंदुओं के लिए माता के रूप में पूजनीय भी है उन्होंने कहा कि देश भर में भूखी गायों की दशा को देखकर संत समाज काफी व्यथित है ।उनका कहना था कि संतों ने गायों की रक्षा के लिए एक बड़ा आंदोलन  60के दशक मे भी किया था। जिसमें हजारों संतों की हिंदू विरोधी सरकार द्वारा गोलियां चलाकर निर्मम हत्या कर दी थी। उन्होंने कहा कि गाय  को हिंदू समाज के लिए माता के रूप में पूजा है ।जिसकी रक्षा करना राज्य सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए ।उनका कहना था कि तत्काल  राज्य व केंद्र सरकार को गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दे। ईश्वर दास का कहना था कि उत्तराखंड सरकार ने अपनी कैबिनेट की बैठक में गायों को लेकर जो पहल की है वह जहां सराहनीय कार्य हैं लेकिन इस ओर केंद्र सरकार को भी पहल करने की आवश्यकता है। ईश्वर दास का कहना था कि आज जंगलों में घास ना होने के कारण गायों की भूखे रहने से अकाल मौत हो रही है ।जिन्हें बचाया जाना आवश्यक है ।वहीं  प्रत्येक जिले मे जगह-जगह गौशालाओं का निर्माण भी किया जाना चाहिए जिससे सड़कों पर घूमती आवारा गायों को उनमें पाला जा सके। स्वामी अच्युतानंद का कहना था की हरिद्वार ऋषिकेश धार्मिक नगरी होने के कारण यहां लाखों श्रद्धालु प्रतिदिन आते हैं लेकिन सड़कों पर बेसहारा घूमती गायों को देख कर वह भी विकसित होते हैं इसलिए ऋषिकेश हरिद्वार में भी सरकारी स्तर पर गायों की रक्षा के लिए कोई बड़ी पहल किए जाने की आवश्यकता है। पत्रकार वार्ता में पूर्व मंडल अध्यक्ष चंद्र मोहन सिंह नेगी, ब्रह्मचारी विकास ,गोसेवक शंकर दास, स्वामी आत्मानंद ,स्वामी अभयानंद आदि भी उपस्थित थे।

Post A Comment: