उत्तरकाशी: चारधाम यात्रा अब समापन पर है। विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम के कपाट आज अन्नकूट के शुभ अवसर 12.30 बंद होंगे। इसके बाद देश-विदेश के श्रद्धालु मां गंगा के शीतकालीन प्रवास मुखीमठ (मुखवा) में उनके दर्शन कर सकेंगे।
वहीं, केदारनाथ व यमुनोत्री धाम के कपाट नौ नवंबर को बंद होंगे। साथ ही बदरीनाथ धाम के कपाट 20 नवंबर को बंद होंगे। गंगोत्री धाम के कपाट बंद करने की तैयारी सुबह से ही शुरू हो गई है।
अन्नकूट के अवसर सुबह 10.30 बजे मां गंगा का मुकुट उतार दिया गया। इसके बाद निर्वाण दर्शन शुरू हो गए। साथ ही विशेष पूजा की जा रही हैं। मंत्रोच्चार के बीच मां की मूर्ति के महाभिषेक के बाद हवन, पूजा-अर्चना के साथ 12.30 कपाट बंद कर होंगे।
इसके बाद गंगा की डोली मुखवा के लिए रवाना होगी तथा रात्रि विश्राम के लिए मुखवा के निकट चंडी मंदिर पहुंचेगी। भैयादूज के अवसर पर गंगा की डोली अपने शीतकालीन पड़ाव मुखवा स्थित गंगा मंदिर में विराजमान की जाएगी।
आपदा के बाद से यह पहला सीजन है जब चारधाम में आस्था का सैलाब उमड़ा है। आपदा के बाद पटरी से उतरी चारधाम यात्रा में इस बार कुछ पटरी पर लौटी है। वर्ष 2013 की भीषण त्रासदी के बाद वर्ष 2014 की अपेक्षा इस बार गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में दस गुना अधिक का इजाफा हुआ है।


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