देहरादून। दून की शांत वादियों में आधी आबादी के लिए माहौल चिंताजनक दौर से गुजर रहा है। पिछले दो साल में दुष्कर्म, हत्या व घरेलू हिंसा के मामले बढ़े हैं। यहां हर महीने औसतन दस महिलाएं दुष्कर्म की शिकार हो रही हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि अपहरण, दहेज हत्या और चेन स्नेचिंग में थोड़ी कमी आई है।
महिला अपराधों के बढ़ने को लेकर अफसरों का तर्क यह भी है कि अब महिला अपराधों की सूचना आने पर त्वरित कार्रवाई करने के साथ उसे छिपाया नहीं जा रहा है। मगर यह तर्क अफसरों की बैठकों के लिए ठीक हो सकता है। हकीकत यह है कि तमाम इंतजामों के बाद भी महिलाएं अकेले या फिर देर शाम घरों से निकलने से खौफ खाती हैं। छेड़खानी, चेन स्नेचिंग व ठगी आदि की घटनाएं बदस्तूर जारी हैं।
इससे भी चिंताजनक यह कि दून में महिलाओं के अनैतिक देह व्यापार का बड़ा अड्डा बनता जा रहा है। यहां इस साल के गुजरे दस महीने में दस सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया जा चुका है, लेकिन अभी दर्जनों एस्कार्ट सर्विस देने वाली वेबसाइटें चल रही हैं, जिन्हें लेकर पुलिस महकमा आंख मूंदे हुए हैं।
एसएसपी निवेदिता कुकरेती का कहना है कि महिलाओं पर होने वाले अपराध को रोकने को लेकर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं, महिलाएं अपने ऊपर हो रहे अपराधों को लेकर मुखर हों और पुलिस तक उनकी सूचना पहुंचे।


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