देहरादून। हरिद्वार-बरेली एनएच-74 चौड़ीकरण में हुए घपले के सामने आने के बावजूद इससे जुड़े लोगों द्वारा कांग्रेस को दी गई सहयोग राशि, यानी चंदा लेने को पार्टी गलत नहीं मानती है। राज्य व केंद्र में सत्ता में न होने के बावजूद कांग्रेस चंदे के रूप में भारी भरकम राशि जुटाना चाहती है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बंद कमरे में हुई बैठक में सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों से अधिक से अधिक सहयोग राशि वसूलने पर जोर दिया गया।राजपुर रोड स्थित एक होटल में प्रदेश कांग्रेस कमेटी की बैठक में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए बूथ संख्या के आधार पर सहयोग निधि के कूपन सौंपे गए। पार्टी पदाधिकारी 15 दिन के भीतर प्राप्त सहयोग राशि को जमा करेंगे। सहयोग राशि की दूसरी किस्त भी 15 दिन के भीतर हाईकमान में जमा करनी होगी। बैठक में कुछ कांग्रेसियों को पार्टी से निकाले जाने पर जमकर हंगामा हुआ।

कुछ कांग्रेसियों ने अनुशासन के मसले पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मुख्यालय में मारपीट मामले में एकपक्षीय कार्रवाई हुई। कुछ लोगों को कार्रवाई के नाम पर पार्टी से बाहर कर दिया गया, जबकि एक पक्ष को संरक्षण दिया जा रहा है। नैनीताल कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मारुति शाह व वरिष्ठ कांग्रेसी खजान पांडे को पार्टी से बाहर इसलिए कर दिया क्योंकि कुछ लोगों को वह पसंद नहीं करते हैं। पीसीसी की अहम बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के भाग नहीं लेने पर भी सवाल उठाए गए। कुछ कांग्रेस जिला अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों ने सहयोग राशि के कूपन 100, 500 एवं एक हजार रुपये को अधिक बताया। विशेषकर गांवों में बूथ स्तर पर ग्रामीण 20 व 50 रुपये का कूपन खरीद सकते हैं। ऐसे में बताया गया कांग्रेस हाईकमान छोटे कूपन भी तैयार कर रहा है। जो कुछ दिनों के भीतर उपलब्ध करवा दिए जाएंगे।

Post A Comment: