ऋषिकेश,23 मार्च। ऋषिकेश नगर निगम गठन के बाद पिछले 15 वर्षों से नगर पालिका के टैक्स विभाग मे सभी करोड़ों रुपए की वसूली की धूल फांक रही फाइलों की नये आयोजन नगर आयुक्त ने झाड़-फूंक करनी शुरू कर दी है, जिनका कहना था कि टैक्स चोरी करने वाला चाहे कितना भी बड़ा अधिकारी या पहुंच वाला क्यों ना हो किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। प्राप्त समाचार के अनुसार ऋषिकेश नगर पालिका के पिछले 15 वर्षों के कार्यकाल में कुछ भू माफियाओं की मिलीभगत के चलते नगर पालिका की संपत्तियों पर बड़े पैमाने पर नाम परिवर्तन कर संपत्तियों को खुद को किया गया है। जिसके चलते उन पर करोड़ों की संपत्ति पर भी मामूली टैक्स लगाकर फाइलों को दफ्तर दाखिल कर दिया गया जिसके कारण नगर पालिका को करोड़ों की क्षति हो रही है। नगर निगम बनने के बाद फाइलों को लेकर नगर में काफी चर्चा रही है ।जिसमें 1 दर्जन से अधिक होटल व व्यवसायिक कारोबार कर रहे, जिनमे दुकानदार तो शामिल है ही,साथ ही बड़े भूमाफिया भी हैं ,जिनके पास ना तो कोई खरीद-फरोख्त का लाइसेंस है और ना ही किसी प्रकार की उनकी जिम्मेदारियां तय की गई है यह सारा खेल नगर पालिका के कर्मचारियों व जनप्रतिनिधियों व तथाकथित पत्रकारो की मिलीभगत के चलते खेला गया है ।इसे लेकर नगर निगम में आए नए नगर आयुक्त चतर सिंह चौहान इस संबंध में बताया, कि कुछ होटलों के टैक्स व नगर निगम की संपत्ति ओं के मामले उनके संज्ञान में आए हैं। जिनकी वह बारीकी से छानबीन कर रहे हैं। और उनके विरुद्ध टैक्स वसूली की कार्रवाई तो की ही जाएगी। साथ ही किन कारणों से इनसे टैक्स की वसूली नहीं की गई है ।वह भी देखा जाएगा ।इसी के साथ नगर आयुक्त चतर सिंह चौहान का कहना था, कि नगर निगम द्वारा इस प्रकार के टैक्स देने वाले लोगों के विरुद्ध की जाने वाली कार्रवाई से पहले नोटिस दिए जाने की कार्रवाई की जा रही है । जिन्हें शिध्र नोटिस तलब करा दिए जाएंगे । नगर आयुक्त की नोटिस की कार्रवाई के चलते नगर निगम के टैक्स विभाग में भी खलबली मची है क्योंकि पिछले 15 वर्षों से दबी फाइलों को झाड़-फूंक कर उनकी जांच की जा रही है ।
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ऋषिकेश नगर निगम में 15 वर्षों से दबी फाइलों पर जमी धूल हटाकर करोड़ों की वसूली किए जाने की कार्यवाही शुरू


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