हरिद्वार। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की हां और ना के सियासी जाल में फंसी हरिद्वार संसदीय सीट का टिकट आखिरकार पूर्व विधायक अंबरीश कुमार की झोली में गया। अंबरीश को हरीश रावत का करीबी होने का पूरा फायदा मिला। 

अंतिम समय में हरीश रावत के हरिद्वार संसदीय सीट बदलकर नैनीताल से चुनाव मैदान में उतरने के कारण अंबरीश की राह भी आसान हो गई। ऐसे में टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे संजय पालीवाल की रणनीति मंजिल तक नहीं पहुंच पाई। एक तरह से हरीश रावत खुद के साथ ही अपने करीबियों को भी टिकट दिलाने में कामयाब रहे। 

हरिद्वार की सियासत में अंबरीश की सक्रियता लगातार बनी रही। वह चाहे किसी भी दल में रहें हों, लेकिन मुद्दों को लेकर मुखर रहे। 2011 में सपा छोड़कर फिर कांग्रेस में शामिल होने वाले अंबरीश ने एक साल बाद बगावत कर हरिद्वार विधानसभा से चुनाव लड़ा। 

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