ऋषिकेश।हैदराबाद के एक पर्यटक ने ऋषिकेश राफ्टिंग के दौरान राफ्ट गाइडों द्वारा नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगाया गया है तीर्थनगरी ऋषिकेश में इन दिनों देश और दुनिया भर से पर्यटक राफ्टिंग का आनंद उठाने आ रहे हैं अगर ऐसे ही लापरवाही होती रही तो पर्यटकों की जान खतरे में पड़ सकती है।हैदराबाद के एक पर्यटक पुष्पेश ने देहरादून के जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन को भेजे अपने शिकायती पत्र में राफ्टिंग गाइड पर दुर्व्यवहार और नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है ओर लिखा है कि पत्नी के साथ विगत 10 फरवरी 2019 को उन्होंने ऋषिकेश के शिवपुरी से राफ्टिंग की थी। उनका आरोप है कि इस दौरान गाइड में उनके साथ दुर्व्यवहार किया और गोप्रो वीडियो खरीदने के लिए बाध्य किया। काफी बहस के बाद वह वीडियो 800 रुपए में खरीदने के लिए सहमत हुए इसके बाद गाइड ने उन्हें और उनकी पत्नी को रैपिड (तेज बहाव वाली लहर) के कूदने को कहा ओर
उनकी पत्नी ने नदी में कूदने से मना कर दिया, लेकिन राफ्ट में मौजूद दोनों गाइड ने उत्साहित किया ओर जिसके बाद हम दोनों नदी में कूद गए। उसका नतीजा यह हुआ कि उनकी पत्नी काफी मात्रा में पानी निगल गईं और जब उन्हें राफ्ट में वापस खींचा गया, तब तक वह डर के कारण बेहोश हो चुकी थी ओर पुष्पेश ने पत्र में आगे लिखा है कि मैं यह जानना चाहता हूं कि हाईकोर्ट और उत्तराखंड पर्यटन विभाग द्वारा नदी में इस तरह वीडियो बनाना प्रतिबंधित है, लेकिन अभी भी ऐसा किया जा रहा है। मैं चाहता हूं कि ऐसी प्रक्रिया पर जल्द से जल्द रोक लगानी चाहिए। इस पत्र के साथ ही पुष्पेश ने कुछ फोटो और वीडियोज भी उपलब्ध कराई हैं। जिसमें नियमों की अनदेखी कर गाइड वीडियो शूट करते दिख रहा है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि रैपिड के बीच में पर्यटकों को नदी में कुदवाया जा रहा है ओर बता दें कि उत्तराखंड पर्यटन विभाग के राफ्टिंग गाइड शपथ पत्र प्वॉइंट नंबर 10 में यह लिखा है कि गाइड किसी भी पर्यटक से दुर्व्यवहार नहीं करेगा प्वॉइंट नंबर 11 में यह लिखा है कि गाइड राफ्टिंग गतिविधि की अवधि में फोटो कैमरे का स्वयं उपयोग नहीं करेगा मैं शहर से बाहर हूं और मेरे संज्ञान में अभी ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है राफ्ट में गाइड द्वारा कैमरा का उपयोग करना प्रतिबंधित है। इस मामले की जांच की जाएगी। जिसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
उनकी पत्नी ने नदी में कूदने से मना कर दिया, लेकिन राफ्ट में मौजूद दोनों गाइड ने उत्साहित किया ओर जिसके बाद हम दोनों नदी में कूद गए। उसका नतीजा यह हुआ कि उनकी पत्नी काफी मात्रा में पानी निगल गईं और जब उन्हें राफ्ट में वापस खींचा गया, तब तक वह डर के कारण बेहोश हो चुकी थी ओर पुष्पेश ने पत्र में आगे लिखा है कि मैं यह जानना चाहता हूं कि हाईकोर्ट और उत्तराखंड पर्यटन विभाग द्वारा नदी में इस तरह वीडियो बनाना प्रतिबंधित है, लेकिन अभी भी ऐसा किया जा रहा है। मैं चाहता हूं कि ऐसी प्रक्रिया पर जल्द से जल्द रोक लगानी चाहिए। इस पत्र के साथ ही पुष्पेश ने कुछ फोटो और वीडियोज भी उपलब्ध कराई हैं। जिसमें नियमों की अनदेखी कर गाइड वीडियो शूट करते दिख रहा है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि रैपिड के बीच में पर्यटकों को नदी में कुदवाया जा रहा है ओर बता दें कि उत्तराखंड पर्यटन विभाग के राफ्टिंग गाइड शपथ पत्र प्वॉइंट नंबर 10 में यह लिखा है कि गाइड किसी भी पर्यटक से दुर्व्यवहार नहीं करेगा प्वॉइंट नंबर 11 में यह लिखा है कि गाइड राफ्टिंग गतिविधि की अवधि में फोटो कैमरे का स्वयं उपयोग नहीं करेगा मैं शहर से बाहर हूं और मेरे संज्ञान में अभी ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है राफ्ट में गाइड द्वारा कैमरा का उपयोग करना प्रतिबंधित है। इस मामले की जांच की जाएगी। जिसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी।


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