नगर में घूमने वाले आवारा पशुओं, सहित मांस की बिक्री पर लगेगी रोक

ऋषिकेश,19 जुलाई (आज का आदित्य) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  की गंगा स्वच्छता को लेकर चलाई गई मुहिम  को जमीन पर उतारने को लेकर जिलाधिकारी  सी. रविशंकर ने शुक्रवार को नगर निगम ऋषिकेश मे अधिकारियों के साथ बैठक जमीनी हकीकत को  बारिकी से परखा, जिसमे बताया कि 2020 के बाद गंगा जी में कोई भी गंदा नाला नहीं  जाएगा । साथ ही नगर में आवारा घूमने वाले पशूओं पर भी रोक लगाई जाएगी। जिलाधिकारी ने  योजनाओं को धरती पर उतर जाने के लिए  कावड़ यात्रा के बाद एक टीम बनाई जाने  का निर्देश भी दिया। उन्होंने कहा  की नगर से निकलने वाले  सॉलि़ड वेस्ट  को हटाए जाने के लिए 15 सितंबर के बाद इंदौर जाने की बात कही ।बैठक के दौरान गंगा मे पडने वाले नालों को रोके जाने पर  सिंचाई विभाग के अधिकारियों से विस्तृत रूप से चर्चा की गई। जिसमें बताया गया कि लकडघाट मे निर्माणाधीन नयी तकनीक पर आधारित सिविरेज प्लांट को अपग्रेड किये जाने पर कार्य किया जा रहा है। जिसमें बताया गया कि यह लाईन ऋषिकेश से लकडघाट तक 15किलोमीटर लम्बी है। जिसकी कार्यदायी संस्था जलनिगम है। जिलाधिकारी को बताया  गया कि पहले ऋषिकेश की जनसंख्या 70हजार थी । लेकिन अब नगर  निगम  बनने के बाद यह जनसंख्या डेढ़ लाख से अधिक हो गई है ।जिसके कारण इसकी कैपेसिटी कम पड़ रही है। जिसे जनहित में बढाया जाना अत्यंत आवश्यक है । जोकि आगामी 2050 तक की जनसंख्या को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है। जिसके बाद 2020 तक कोई भी गंदा नाला गंगा जी में परवाह  नहीं किया जाएगा। बैठक में यह भी बताया गया कि मुनी की रेती में अलग ट्रीटमेंट प्लांट है जिसमें मुनी की रेती, ढाल वाला की आबादी कनेक्टेड है। तथा लकडघाट वाले  मे ऋषिकेश से आईडीपी एल पर वीरभद्र तथा विस्थापित क्षेत्र भी शामिल है ।इस सीवर लाइन में ऋषिकेश के लगभग 7260 घरों के कनेक्शन जुड़े है।तथा मुनिकी रेती मे 18115 लोग जुड़े। बैठक में बताया गया कि बापू ग्राम मे बन रहे शिविर पंपिंग स्टेशन मे  वन विभाग बाधक बना है , जिस से तालमेल किया जाना अत्यंत आवश्यक है । नगर निगम के मुख्य चतुर सिंह ने बताया कि उनके क्षेत्र में सरस्वती नाला, बंगाली नाला , चंद्रेश्वर नगर के नाले को भी टेप किए जाने की आवश्यकता है।  जिससे गंगा जी मे मलवा ना जाए । पर्यावरण विद् विनोद जुगरान ने श्यामपुर के ट्रीटमेंट प्लांट पर सवालिया निशान खड़े करते हुए कहा, कि उसकी भी कैपेसिटी कम है जिसे बढ़ाया जाना जनहित में आवश्यक है। जिलाधिकारी नगर निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह नगर के डेनिज सिस्टम को जल्दी से जल्दी ठीक करें । साथ ही नगर में घूमने वाले आवारा पशुओं पर रोक लगाए जाने के साथ कुत्ते तथा सुवर पालकों को लाइसेंस जारी किए जाएं तथा मांस की बिक्री करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जाए ।
बैठक मे उपजिलाधिकारी प्रेम लाल,  नगर नगर निगम के मुख्य आयुक्त चतर सिंह, हरिश बंसल, नमामि गंगे  के प्रबंधक  संदीप कश्यप ,वन विभाग  के एस एस नेगी, पर्यावरण विद् विनोद जुगराण  सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

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