ऋषिकेश, 17 अगस्त (AKA)। मुनिकीरेती स्थित मधुबन आश्रम को लेकर चल रहा , ट्रस्टी यों के बीच विवाद के चलते आश्रम के मुख्य प्रबंधक परमानंद ने उनके आश्रम को कुछ लोगों द्वारा कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर हड़पने का आरोप लगाया ।यह आरोप आश्रम के प्रबंधक स्वामी परमानंद  दास ने शनिवार को मधुबन आश्रम में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान लगाते हुए कहा कि ऋषिकेश मधुबन आश्रम इस्कॉन से अलग संस्था है, जिसकी स्थापना  मे  स्वामी भक्ति योग का योगदान है ।जिन्हें गुरु  श्रील कीर्तानंद ने उनकी सेवा से प्रसन्न होकर नए कृष्ण मंदिर के निर्माण करने की प्रेरणा दी थी। जो कि 1987 में ऋषिकेश आए थे ।और उन्होंने अपने गुरु की कृपा से मधुबन आश्रम में रहकर श्री कृष्ण भक्ति का प्रचार प्रसार किया, और इस मंदिर की स्थापना 1988 में की गई, लेकिन कुछ लोग उत्तराखंड के मुख्यमंत्री का नाम लेकर आश्रम पर कब्जा करना चाहते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री का अपने आप को भतीजा बताने वाले अमित रावत के नाम को भी उजागर किया है। परमानंद ने कहा की आश्रम पर कब्जा करने की नीयत से घुसे , अमित रावत के साथ 3 दर्जन से अधिक लोगो ने आश्रम में घुसकर वहां रह रहे। व्यक्तियों को डराया और धमकाया । जिन्होंने आश्रम को खाली कराए जाने के लिए आर एस एस के  लोग शामिल है परमानंद ने कहा कि भक्ति योग स्वामी के निधन के पश्चात उन्हीं को सभी ट्रस्टियो व स्थानीय नागरिकों द्वारा आश्रम को चलाए जाने की जिम्मेदारी सर्वसम्मति से सौंपी थी ।और तभी से वह निर्बाध गति से आश्रम  का संचालन कर रहे  है।पत्रकार वार्ता मे हर्ष कौशल सहित चंद्रवीर पोखरियाल  प्रदीप राणा  सुनील प्रभाकर  विजय अग्रवाल  अशोक अग्रवाल  राजेश कंडवाल  संदीप गुप्ता अन्य आश्रम से जुड़े लोग भी उपस्थित थे।

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