रुद्रपुर। एलाइड प्लस इंफ्रा एंड अदर्स (पंचवटी) की एमडी प्रिया शर्मा एवं कंपनी के डायरेक्टर सुधीर चावला के खिलाफ एनएच 74 घोटाले की विवेचना कर रहे सीओ स्वतंत्र कुमार सिंह ने धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप है कि एनएच 74 घोटाले में दलाल जीशान ने डेढ़ करोड़ रुपये कंपनी पेशगी के रूप में दिया है। सौ रुपये के स्टांप पेपर पर किए गए इकरारनामे को कूचरचित माना गया है।
सीओ सिटी श्री सिंह ने कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि वह एनएच 74 घोटाले में हुई एफआईआर नंबर 32 की विवेचना कर रहे हैं। उक्त अभियोग में एसएलएओ, राजस्व अधिकारी, कर्मचारी, किसानों, दलालों/बिचौलियों ने सड़क चौड़ीकरण में सरकार से अधिक मुआवजा प्राप्त करने के लिए बैकडेट में जमीनों की 143 के आधार पर धारा थ्री डी के जरिए कृषि भूमि को अकृषि घोषित करके कई गुना अधिक मुआवजा प्राप्त करके सरकार को भारी आर्थिक क्षति पहुंचाई है। इस कार्य के लिए बिचौलियों की मदद से 30 से 40 प्रतिशत तक धनराशि कमीशन के रूप में लेने की बात विवेचना में प्रकाश में आई है। ग्राम कुंडा में कृषक अजमेर सिंह, सुखदेव सिंह आदि पांच भाइयों के खसरा नंबर 126, 127 कुंडा की भूमि जो थ्री डी की अधिसूचना में कृषि भूमि थी कि प्रकृति बैक डेट में की गई 143 जेडएएलआर एक्ट के आधार पर कूट रचित अभिलेखों के आधार पर बदल कर अकृषि करके 23 करोड़ रुपये प्रतिकर भुगतान कराकर 40 प्रतिशत कमीशन स्टांप बैंडर जीशान अहमद निवासी मुहल्ला अल्लीखां काशीपुर द्वारा प्राप्त किया गया। जिनमें से डेढ़ करोड़ रुपये जीशान ने अपने खाता संख्या 915010056757756 से श्रीमती प्रिया शर्मा पत्नी धीरज शर्मा व सुधीर चावला पुत्र सुरेंद्र चावला की कंपनी के खाते में आरटीजीएस के द्वारा संबंधित अधिकारी को भुगतान करने के लिए ट्रांसफर किए गए तथा 40 लाख रुपये नगद दिए गए। प्रिया शर्मा ने जीशान द्वारा प्राप्त कमीशन की धनराशि को फाजलपुर महरौला स्थित खेत संख्या 94 मि. को अपने नाम माल कागजात दर्ज अभिलेख दर्शाते हुए एक प्लाट 1450 वर्ग मीटर तीन करोड़ 62 लाख में सौदा जीशान के नाम किया, जिसका डेढ़ करोड़ अग्रिम प्राप्त करना अंकित किया है। कहा कि उक्त जमीन राजस्व अभिलेखों में जगशरण सिंह पुत्र अवतार सिंह के नाम है, जिसका मुख्तारे आम गुरप्रीत सिंह संधू है। कहा कि इससे स्पष्ट है कि बिचौलिये जीशान ने प्रिया शर्मा को कमीशन की राशि संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने को दी गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि चूंकि जीशान खुद स्टांप बैंडर है इसलिए इतनी बड़ी धनराशि देते वक्त उसे रजिस्टर्ड इकरारनामा कराया। कहा गया कि प्रिया शर्मा ने जीशान को सही ठहराने के उद्देश्य से बिना भूमि के मालिकाना हक के कूटरचना कर फर्जी इकरारनामा तैयार किया है, ताकि कमीशन में प्राप्त धन को सही साबित किया जा सके। पुलिस ने धारा 420, 467, 468 व 471 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। साथ ही विवेचना सीओ काशीपुर राजेश भट्ट को सौंपी गई है। यहां बता दें कि स्टांप बैंडर जीशान को एसआईटी जेल भेज चुकी है।
मुझे षडयंत्र के तहत फंसाया जा रहा है: प्रिया
रुद्रपुर। एलाइड प्लस इंफ्रा एंड अदर्स (पंचवटी) की एमडी प्रिया शर्मा का कहना है कि उन्हें इस मामले में षडयंत्र के तहत फंसाया गया है। एनएच भूमि घोटाले से उनका और उनकी कंपनी का कोई लेना देना नहीं है।
एक बयान में प्रिया शर्मा ने कहा कि एनएच भूमि मुआवजा घोटाले के मामले में दोषी पाए गए काशीपुर के जीशान पुत्र जलाल अहमद को उन्होंने 2016 में कॉमर्शियल प्लाट दिल्ली रोड स्थित पंचवटी कॉमर्शियल पार्क में बेचा था। उनका कहना है कि जब कोई बिल्डर्स किसी व्यक्ति को जमीन बेचता है तो उस दौरान बिल्डर्स यह देखता है कि उक्त व्यक्ति जो जमीन खरीद रहा है वह कंपनी के नियम के तहत सही है। आयकर व अन्य दस्तावेज में वह ठीक होना चाहिए। बिल्डर्स यह नहीं देखता कि उक्त व्यक्ति जमीन के लिए रकम कहां से लाया है। कहा कि उन्होंने प्लाट 2016 में बेचा है और जीशान को वर्ष 2017 में एसआईटी ने जांच के दायरे में लिया है। प्रिया ने कहा कि पहले भी एसआईटी ने उन्हें कई बार जांच के लिए बुलाया था, जिसमें उन्होंने पूरा सहयोग किया था। अब भी वह जांच में पूरा सहयोग करेंगी।

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