नैनीताल हाईकोर्ट ने आइआइटी रुड़की के चिकित्सालय में रेडियोलॉजिस्ट पद पर की गई नियुक्ति को निरस्त करने के साथ ही संस्थान पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. इसके अलावा पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश देते हुए साफ़ कर दिया है आरोप सही पाए गए तो रजिस्ट्रार पर निलंबन की कार्रवाई की जाए.

साल 2015 में आइआइटी रुड़की के चिकित्सालय में रेडियोलॉजिस्ट पद के लिए विज्ञप्ति निकाली गई थी जो अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी. लेकिन आइआइटी ने रेडियोलॉजिस्ट के बजाय रेडिएशन थेरेपिस्ट के पद पर नियुक्ति कर दी.

रुड़की निवासी शैलेंद्र कुमार ने इस नियुक्ति को चुनौती देते हुए याचिका दायर की.

वरिष्ठ न्यायाधीश न्यामयूर्ति राजीव शर्मा की एकलपीठ ने मामले को सुनने के बाद आइआइटी में की गई इस नियुक्ति को निरस्त कर दिया. साथ ही संस्थान पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाते हुए सरकार को जांच के आदेश दिए. सरकार की जांच में आरोप सही पाए जाने पर रजिस्ट्रार के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.

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