राज्यपाल के अभिभाषण के साथ ही गैरसैंण में बजट सत्र का आगाज हो चुका है. 22 मार्च को सदन के पटल पर वित्त मंत्री वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए बजट पेश करेंगे. बजट राज्य में आधारभूत ढांचे के विकास का भी आधार रखता है. इसी आधारभूत ढांचे को तैयार करने, विस्तार देने में लोक निर्माण विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. आइए बताते हैं कि इस साल के विभाग के बजट में क्या ख़ास है और इस बजट से राज्य के आधारभूत ढांचे को कैसे मजबूत किया जाएगा.

सड़कें राज्य के विकास में रीढ़ का काम करती हैं. इसलिए शहर से लेकर गांव तक सड़कों का जिम्मा संभाले PWD की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है. विषम भौगोलिक परिस्थितियां कहें या विभाग के काम की धीमी रप्तार बीते सालों में विभाग को जितना बजट मिला, विभाग उतना खर्च ही नहीं कर पाया.

साल 2016-17 में PWD को 2105 करोड़ का बजट मिला था, जिसमें से विभाग 1976 करोड़ ही खर्च कर पाया. इसी तरह वर्ष 2017-18 में 2231 करोड़ विभाग को मिले, जिसमें से फरवरी तक विभाग 1775 करोड़ रुपये ही खर्च कर पाया था. हालांकि, विभाग का दावा है कि मार्च तक पूरा बजट खर्च करने के बाद देनदारियों को पूरा करने के लिए उसे 120 करोड़ की और आवश्यकता होगी. इसलिए विभाग ने इस वर्ष करीब 3000 करोड़ रुपये के बजट का प्रस्ताव तैयार किया है.

एक नजर वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए प्रस्तावित बजट में लोनिवि के कुछ मुख्य टारगेट परः


-ऑल वेदर रोड परियोजना के अंतर्गत सभी 22 परियोजनाओं को उच्च प्राथमिकता में पूरा करने का लक्ष्य है.

- केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्य भी विभाग की उच्च प्राथमिकताओं में है.

- विभाग का लक्ष्य होगा कि देहरादून शहर में निर्माणाधीन मोहकमपुर, अजबपुर और आईएसबीटी ओवरब्रिज का निर्माण इस वित्तीय वर्ष में पूरा कर लिया जाए.

- स्टेट हाइवे सुधारीकरण कार्य समेत करीब चार हजार करोड़ के कार्यों को नाबार्ड और ADB वित्त पोषित योजनाओं से संपन्न किया जाएगा.

-  1107 किलोमीटर लंबाई में नई सड़कों का निर्माण और 1048 किलोमीटर सड़कों का पुर्निनर्माण और सुधारीकरण कार्य का भी लक्ष्य है.

-  इस वर्ष 131 नए सेतुओं का निर्माण किया जेगा और 170 गावों को सड़क मार्ग से जोड़ा जाएगा.

बीते वर्ष पर यदि नजर डालें तो लोक निर्माण विभाग 2017-18 के अपने लक्ष्यों को पूरा करने में भी करीब-करीब सफल रहा है.

- 2017-18 में 190 मीटर लंबाई में डबल लेन श्रीनगर चौरास पुल, रुड़की में गंगनहर पर पुल निर्माण को पूरा करवाने में विभाग सफल रहा है.

- टिहरी झील के ऊपर 440 मीटर लंबा डोबरा चांटी पुल का निर्माण कार्य प्रगति पर है.

- ऑल वेदर रोड के स्वीकृति सभी 22 परियोजनाओं पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है.

-  दिल्ली-देहरादून हाईवे पर डाट काली टनल का कार्य अंतिम चरण में है.

-  मुनि की रेती में गंगा नदी पर 310 मीटर लंबे पैदल पुल के निर्माण कार्य में विभाग को जरूर अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई. इस पुल का रिवाइज़्ड एस्टिमेट शासन को भेजा गया है.

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