देहरादून। उत्तराखंड पुलिस कस्टडी से एटीएम क्लोन बनाने का मास्टरमाइंड प्रवीण डागर फरार हो गया है। प्रवीण ने अपने साथियों के साथ मिलकर लेह, कश्मीर, गोवा व दिल्ली समेत कई राज्यों में एटीएम क्लोनिंग के जरिए एटीएम से बड़ी रकम निकाली थी। उस पर एटीएम क्लोनिंग के जरिए एटीएम से पैसे निकालने के कई मामले दर्ज हैं।
कुछ माह पूर्व दिल्ली ने डागर व उसके दो दोस्तों को गोवा से गिरफ्तार किया था। इनके पास से पुलिस ने आईपी कैमरा, फर्जी एटीएम कार्ड, एटीएम स्लिप्स, पिस्तौल और कारतूस बरामद की थी। स्थानीय पुलिस ने उसकी कुंडली खंगाली तो यह सच्चाई सामने निकलकर आई है।
दिल्ली के झड़ौदा कलां निवासी प्रवीण डागर बेहद ही शातिर दिमाग है। दिल्ली में पुलिस कस्टडी से फरार होने के बाद स्थानीय पुलिस ने डागर की कुंडली खंगाली तो चैंकाने वाली सामने सच्चाई सामने आई है। पुलिस को पता चला कि उसे साथ ही उसे साइबर क्राइम की अच्छी जानकारी थी। वह आलीशान जिंदगी जीने का शौकीन है। इसी शौक के चलते उसने जरायम की दुनियां में कदम रखा था। अपने शौक पूरा करने के लिए उसने अपने दोस्तों विपिन व अजय कुमार के साथ एक गैंग बनाया। इसके बाद तीनों ने जल्द अमीर बनने के लिए एटीएम से पैसे निकालने का शार्टकट रास्ता अपनाया। पुलिस जांच में यह भी सामने निकलकर आया कि डागर ने अपने दोनों दोस्तों के साथ मिलकर एटीएम क्लोनिंग के जरिए लेह, कश्मीर, गोवा, दिल्ली, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में एटीएम से मोटी रकम निकाली थी।
इस मामले में उसे करीब तीन साल पूर्व लेह पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। लेकिन कुछ माह बाद ही वह जमानत पर बाहर आ गया था। इसके बाद इसी साल 11 जनवरी को वह अपने दोनों दोस्तों विविन व अजय के साथ कार से दिल्ली कैंट इलाके में जा रहा था। यहां एक सिपाही ने कार को रोकने का प्रयास किया था तो इन्होंने फायरिंग कर दी थी।
इसके बाद तीनों कार छोड़कर फरार हो गए थे। पुलिस ने कार से आईपी कैमरा, फर्जी एटीएम कार्ड, एटीएम स्लिप्स, पिस्तौल और कारतूस बरामद किए थे। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने तीनों को आठ फरवरी को गोवा से गिरफ्तार किया था। अब डागर की फरारी के बाद उत्तराखंड पुलिस उसके परिवार व दोनों दोस्तों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए कई प्रदेशों की पुलिस को उसके फरार होने की जानकारी दी है। फरार आरोपी प्रवीण डागर को पकड़ने के लिए कई पुलिस टीम लगाई गई हैं। उसके खिलाफ एटीएम क्लोनिंग के जरिए एटीएम से रुपये निकालने के दूसरे प्रदेशों में कई मामले दर्ज हैं। उसे जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।

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