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जो युवा गैजेट्स का इस्तेमाल अधिक करते हैं और लंबे समय तक एक ही पोजीशन में बैठकर काम करते हैं, उन्हें 'रिपिटिटिव इन्जरी' होने की आशंका बढ़ जाती है। इस प्रकार के 80 प्रतिशत मामलों का समाधान जीवनशैली में बदलाव से किया जा सकता है, जैसे अच्छा पोषण और भरपूर व्यायाम आदि अपनाकर। 20 से 40 साल की उम्र वाले प्रोफेशनल्स के बीच रीढ़ से जुड़ी समस्याएं अधिक देखी जा रही हैं।

रिपिटिटिव स्ट्रेस इन्जरी (आरएसआई) को बार-बार एक ही प्रकार की गतिशीलता और ओवर यूज की वजह से मांसपेशियों, टेंडंस और नव्र्स में दर्द के रूप में परिभाषित किया जाता है। इस स्थिति को ओवरयूज सिंड्रोम, वर्क रिलेटेड अपर लिंब डिसॉर्डर या नॉन-स्पेसिफिक अपर लिंब के रूप में भी जाना जाता है। इस आयुवर्ग वाले अधिकतर लोग वर्किंग प्रोफेशनल होते हैं जो ऑफिस पहुंचने के लंबी दूरी तक यात्रा करके, ड्राइव करके पहुंचते हैं और इसके बाद पूरा दिन अधिकतर समय एक जगह बैठकर काम करते रहते हैं। वे कम्प्यूटर या लैपटॉप पर काम करते हैं, लंबी मीटिंग के लिए बैठते हैं और अपने मोबाइल पर उपलब्ध हो चुके सोशल मीडिया पर व्यस्त रहते हैं। घर पहुंचने के बाद ये लोग किताबें पढ़ने के लिए गैजेट का इस्तेमाल करते हैं और पढ़ते-पढ़ते सो जाते हैं।


लखनऊ: अब तक केवल लोगों को जागरूक करने के लिए ही कहा जाता था कि मोबाइल का रेडिएशन बाडी के लिए खतरनाम साबित हो सकता है लेकिन किसी की इससे मौत हो जाए। यह बात कुछ अजीबो गरीब लगती थी पर ऐसा हुआ है।
सोनभद्र में आज एक बुजुर्ग की उस समय मौत हो गयी। जब वह अपने सीने पर मोबाइल रखकर सो गया लेकिन सुबह जब हुई तो वह जीवित नहीं उठा उसकी मौत हो गयी थी।
सोनभद्र जिले के शाहगंज क्षेत्र के राजपुर गांव में एक बुजुर्ग की मोबाइल फोन फटने से मौत हो गई। 70 वर्षीय रामजतन पटेल अलार्म लगाने के बाद मोबाइल सीने पर रखकर सो रहे थे। अगली सुबह अलार्म बजते ही मोबाइल फट गया। जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी।
बीते कुछ महीनों में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं। ब्रैंडेड से लेकर फीचर फोन्स तक में ब्लास्ट के मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में कुछ सावधानियां रखकर ऐसे ऐक्सीडेंट्स अवॉइड किए जा सकते हैं।
स्मार्ट फोन इंडस्ट्रीज से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि तकिए के नीचे फोन रखकर सोना भी खतरनाक हो सकता है क्योंकि इससे डिवाइस का टेंपरेचर तो बढ़ता ही है।
डिवाइस पर दबाव भी पड़ता है। शर्ट, टी-शर्ट या बनियान की सामने वाली जेब में मोबाइल फोन नहीं रखना चाहिए। सेलफोन रेडिएशन के खतरे तो एक मुद्दा हैं ही, फोन फटने की सूरत में उसका हार्ट के पास होना ज्यादा खतरनाक हो सकता है।कई लोगों की आदत रातभर के लिए फोन को चार्जिंग पर लगा देने की होती है, ऐसा किसी भी सूरत में न करें। यह फोन और बैटरी दोनों के लिए हानिकारक होता है।
गर्मी के मौसम में डिहाइड्रेशन एक आम समस्या है। शरीर को जितनी पानी की ज़रूरत होती है उतना न मिल पाने पर डिहाइड्रेशन हो जाता है। गर्मी में पसीना ज़्यादा आता है जिससे शरीर का ज़रूरत से ज़्यादा पानी निकल जाता है, ऐसे में यदि पर्याप्त पानी न पीया जाए तो डिहाइड्रेशन हो सकता है। इससे बचने के लिए ढेर सारा पानी पीने के साथ ही डायट कुछ खास फल और सब्ज़ियों को ज़रूर शामिल करें।

तरबूज
तरबूज में 90 से 95 प्रतिशत तक पानी होता है, इसलिए गर्मी में तरबूज़ डेली खाएं। इसमें एंटीऑक्सीडेंट लाइकोपिन पाया जाता है जो सूर्य की किरणों और गर्मी से होने वाले नुकसान से शरीर को बचाता है। इसके अलावा तरबूज में पोटेशियम, विटामिन ए और फाइबर भी होता है। डायटिंग करने वालों के लिए भी यह अच्छा ऑप्शन है।
नारियल पानी 
नारियल पानी में इलेक्ट्रोलाइट होता है डीहाइड्रेशन से बचाता है। इसके अलावा भी इसमें कई पोषक तत्व होते हैं जो शरीर को ठंडा रखते हैं। नारियल पानी पीने से त्वचा और बाल भी हेल्दी बनते हैं।




खीरा





गर्मियों में खाने में सलाद की मात्रा बढ़ा दें। खासतौर पर खीरा गर्मियों में शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाता है। इसमें पर्याप्त मात्रा में पानी और फाइबर पाया जाता है। खीरे में माइक्रोन्यूट्रीएंट्स भी होते हैं, जो इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाते हैं।
हरी सब्जियां
हरे पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक आदि में विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं। पालक में आयरन भी होता है। हरी पत्तेदार सब्जियों में केरोटेनाइड नामक तत्व पाया जाता है जो गर्मी से त्वचा की रक्षा करता है। भिंडी में अनेक पोषक तत्व पाए जाते, इसमें फाइबर भी भरपूर मात्रा में होता है। लौकी में मैग्नेशियम, कैल्शियम और विटामिन ए और सी होता है। गर्मी में ये सब्ज़ियां आपके पाचन तंत्र को ठीक रखती है और गर्मी के हानिकारक प्रभाव से बचाती है।
दही
गर्मी के दही खाने से न सिर्फ डिहाइड्रेशन से बचा जा सकता है, बल्कि पाचन-तंत्र भी ठीक रहता है। दही से छाछ, लस्सी और रायता बनाकर खा सकते हैं। छाछ बहुत ज्यादा फायदेमंद है। खाने के बाद एक ग्लास छाछ पीने से खाना अच्छी तरह पच जाता है।
पानी
डिहाइड्रेशन से बचने का सबसे आसान और कारगर उपाय है खूब सारा पानी पीना। दिन में कम से कम 10-12 ग्लास पानी ज़रूर पिएं। याद रखिए कोल्ड ड्रिंक और पैक्ड जूस न पीएं। यदि सादा पानी ज़्यादा नहीं पी पाते हैं तो नींबू पानी बना लें या पानी में इलेक्ट्रॉल पाउडर मिलाकर पिएं।
आम पना

डिहाइड्रेशन और धूप के हानिकारक असर से बचने के लिए आम का पना बेहतरीन नुस्खा है। दिन भर में दो ग्लास आम का पना पीने से शरीर तो हाइड्रेट रहेगा ही लू लगने की संभावना भी कम हो जाती है। आम के पने में जिंक और विटामिन सी की भरपूर मात्रा में होता है।
नई दिल्ली: कई बार अपने मन का काम न होने और साथी द्वारा बुरे व्यवहार के चलते हमें बहुत तेज गुस्सा आता है। गुस्से से जहां कई बार रिश्ते टूट जाते हैं तो वहीं यह हमारी सेहत के लिए भी काफी हानिकारक है।

जिन लोगों को ज्यादा गुस्सा आता है वो अवसाद, अनिद्रा, सिरदर्द और भूख न लगना जैसी परेशानियों का शिकार हो सकते हैं। इसलिए बेहतर है कि गुस्से को कंट्रोल करने के लिए आप आज ही से अपनाएं ये टिप्स:

गुस्से को रोकने की जगह उसे जाहिर करना ज्यादा बेहतर होता है। ऐसा करने से मन की कडुवाहट निकल जाती है और किसी भी प्रकार की नकारात्मकता के लिए दिल में जगह नहीं बचती है।

जब भी बहुत तेज गुस्सा आये तो रनिंग करें या कोई एक्सरसाइज करें। गुस्सा एक प्रकार की एनर्जी होता है जो आपकी बॉडी को नुकसान पहुंचाता है। इसलिए बेहतर है कि एनर्जी को आप किसी सकारात्मक दिशा में लगा दें ताकि आपको नुकसान न पहुंचे।

कई बार गुस्से में हम बिना सोचे-समझे कुछ भी बोल देता हैं जिससे सामने वाले का दिल दुःख जाता है। वो बातें कभी न बोले जो आप खुद के लिए बर्दाश्त नहीं कर सकते। गुस्से में कुछ भी बोलने से पहले सौ बार सोचें।
हर बार गुस्सा जताना जरूरी नहीं होता। कई बार तो यह रिश्ते के टूटने का सबब भी बन सकता है। जब गुस्सा आये तो इसे कंट्रोल करने के लिए मन ही मन 10 से लेकर 1 तक उलटी गिनती गिनें।

गुस्से में हार्ट बीट काफी बढ़ जाती है। ऐसे में सांसों पर ध्यान केंद्रित कर उसे नियंत्रित करने की कोशिश करें। ऐसा करने से गुस्सा कब शांत हो जाएगा आपको पता भी नहीं चलेगा।

जब गुस्सा आए तो कुछ वक्त खुद के साथ बिताएं और गुस्से का कारण तलाशने की कोशिश करें। याद रखिए गुस्से से केवल हम अपना ही नुकसान करते हैं।

गुस्सा आने के पीछे अधूरी नींद भी जिम्मेदार हो सकती है। कई बार हर नींद पूरी न होने की वजह से बात-बात पर चिढ़चिढ़ाते हैं और खीज दूसरों पर निकालते हैं। इसलिए बेहतर है कि अच्छी नींद लें।
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मॉडर्न लाइफस्टाइल में कागज में रोटी लपेटना और खाना पैक करना काफी आउटडेटेड लगता है. अखबार या कागज की जगह अब चमचमाती एल्युमिनियम फॉयल ने ले ली है. ऑफिस जाना हो या बच्चों का टिफिन बॉक्स तैयार करना हो ज़्यादातर लोग एल्युमिनियम फॉयल में ही खाना पैक करना पसंद करते हैं जिससे कि खाना ताजा और काफी देर तक गर्म बना रहे. लेकिन क्या आप इस बात से वाकिफ हैं कि एल्युमिनियम फॉयल की वजह से आपका खाना आपको कितना नुकसान पहुंचा रहा है. आइए जानते हैं कैसे.


एल्युमिनियम फॉयल के नुकसान को लेकर अपने भी कई शोध हो चुके हैं. हाल में न्यूट्रिशन और एक्सरसाइज साइंस एक्सपर्ट रुजुता दिवेकर ने इस सिलसिले में अपनी फेसबुक वाल पर एक विडियो साझा किया है जिसमें उन्होंने एल्युमिनियम फॉयल में खाना पैक करने के नुकसान के बारे में बताया है. उनके मुताबिक़, खाना एल्युमिनियम फॉयल या प्लास्टिक के लंच बॉक्स में पैक करने की जगह शीशे के बर्तन में पैक करना ज्यादा सही रहता है. इससे खाने के पोषक तत्व मरते नहीं हैं. उनका कहना है कि पानी भी कांच, मिट्टी या कांसे की बोतल में पीना चाहिए.


विशेषज्ञ भी खाना पैक करने के लिए एल्युमिनियम फॉयल के प्रयोग को सही नहीं मानते हैं. उनके मुताबिक, खाना जब एल्युमिनियम फॉयल के संपर्क में आता है तो उसकी तासीर बदल जाती है. उसमें एल्युमिनियम के तत्व आने लगते हैं जिससे खाने की गुणवत्ता प्रभावित होती है.


जल्दबाजी में कई बार हम गर्म खाना एल्युमिनियम फॉयल या प्लास्टिक पेपर में पैक करते हैं लेकिन ये हमारी सेहत के लिए काफी नुकसानदेह होता है. इससे उसमें मौजूद केमिकल खाने में मिल जाता है. प्लास्टिक में जीनो एस्ट्रोजन नाम का एक खतरनाक केमिकल होता है ऐसे में जब हम गर्म खाना प्लास्टिक के बर्तन में पैक करते हैं इससे शरीर के हर्मोन में असंतुलन पैदा होता है. इससे बड़े होते बच्चों का विकास भी प्रभावित होता है.कई शोध में यह बात पहले भी सामने आ चुकी है कि ऐसा खाना खाने वालों को भूलने की बीमारी (अल्जाइमर) भी हो सकता है. एल्युमिनियम फॉयल में पैक खाना खाने से दिमाग में बनने वाली कोशिकाओं की संख्या घटती है.
नई दिल्ली: आज मोटापा हमारे पूरे समाज के सामने एक गंभीर समस्या के रूप में उभरा है। हमारी खराब दिनचर्या, तलाभुना और शारीरिक रूप से सक्रिय न रहने जैसे वजह इसके लिए जिम्मेदार हैं। पेट की लटकती चर्बी हो या फिर जांघों पर लटकता फैट, इससे निजात पाने के लिए आप हजारों तरीके अपनाते हैं।
शरीर में मोटापा कम करने में पानी एक अहम भूमिका अदा करता है। हमारे शरीर का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा पानी से बना होता है और ज्यादा पानी पीने से हमारे शरीर में मोटापा कम होता है। कई शोधों में इस बात की पुष्टि भी हो चुकी है।
ज्यादा पानी मतलब ज्यादा कैलोरी खर्च
2014 में जर्नल ऑफ नेचुरल साइंस, बायोलॉजी और मेडिसिन में प्रकाशित एक शोध में इस तथ्य की पुष्टि की गई कि पानी पीने से हमारे शरीर में 2-3 प्रतिशत ज्यादा कैलोरी खर्च होती हैं। हमारे शरीर का तापमान पहले ही गर्म होता है। खाने की पाचन क्रिया के लिए हमारे शरीर को गुनगुने पानी की आवश्यकता होती है। खाने का पाचन करने के लिए हमारा शरीर ठंडे पानी के तापमान उस स्तर पर ले जाने में कैलोरी बर्न करता है। नतीजतन सामान्य कैलोरी खर्च का आंकड़ा बढ़ जाता है। इसके साथ ही ज्यादा पानी पीने से यह आपकी 'कैलोरी बर्निंग' की रफ्तार को तेज कर देता है। ज्यादा पानी पीने से आराम करने की अवस्था में भी आपका शरीर ज्यादा कैलोरी खर्च करता है।

रोज सुबह उठकर बच्चों को स्कूल भेजना हो या फिर मॉर्निंग शिफ्ट के लिए सुबह 7 बजे ऑफिस पहुंचना कई बार जल्दबाजी में हम नाश्ता करना भूल जाते हैं. काम निपटाते निपटाते हमें याद ही नहीं रहता कि कब सुबह से दोपहर हो गई और नाश्ते का वक्त निकल गया. तब हम सीधे लंच लेते हैं. साथ ही ऑफिस से देर में निकल पाने के कारण हमारा डिनर टाइम भी फिक्स नहीं रह पाता. आप शायद रोज इन बातों को नजरअंदाज कर देते होंगें, लेकिन अब सावधान हो जाएं. ये आदतें आपके लिए खतरे की घंटी हैं. एक रिसर्च में यह बात सामने आई है कि यदि आप सुबह का नाश्ता करने में कोताही करते हैं तो आपको हार्ट अटैक और इससे संबंधित बीमारियां हो सकती हैं. यह आदत आपके लिए जानलेवा भी साबित हो सकती है.

प्रिवेन्टिव कार्डियॉलजी के इस सिलसिले में यूरोपीय जर्नल 'द फाइंडिग्स' में एक रिपोर्ट प्रकाशित की है जिसके मुताबिक, जो लोग प्रतिदिन नाश्ता छोड़ देते हैं उनकी मृत्यु की संभावना सामान्य से 4 से 5 गुना अधिक हो जाती है. इसके साथ ही हार्ट अटैक का भी खतरा काफी बढ़ जाता है.

मिनीकुची ने जानकारी दी कि यह रिसर्च तकरीबन 113 ऐसे लोगों पर की गई थी जिन्हें दिल की कोई बीमारी थी. इस रिसर्च में शामिल ज्यादातर पुरुष थे जिनकी उम्र लगभग 60 साल थी. रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा हुआ कि ब्रेकफास्ट स्किप करने वाले 58 प्रतिशत, और डिनर देर से करने वाले 51 प्रतिशत थे और 48 प्रतिशत बीमार लोग ब्रेकफास्ट स्किप करते थे और रात का खाना भी देर से खाते थे.
आराम करने तथा समय बिताने के लिए स्मार्टफोन के अधिक उपयोग से कई नकारात्मकाएं सामने आ सकती हैं। एक अध्ययन की रिपोर्ट के अनुसार स्मार्टफोन के उपयोग से नकारात्मक भावनाओं में वृद्धि के साथ ही जीवन में उद्देश्य की भावना भी प्रभावित हो सकती है। अध्ययन की रिपोर्ट 'कंप्यूटर्स इन ह्यूमन बिहेवियर' नामक पत्रिका में प्रकाशित हुई है। 
यह संभवत: पहला अध्ययन है जिसमें इस बात का गहन मूल्यांकन किया गया है कि स्मार्टफोन का उपयोग किस प्रकार जीवन में संतुष्टि के वस्तुपरक और मनोवैज्ञानिक पहलुओं से जुड़ा है। ऑस्ट्रेलिया के डीकिन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने बताया कि आदतन और मनोरंजन के लिए स्मार्टफोन का उपयोग करने वाले लोग जीवन में संतुष्टि में कमी के संबंध में सबसे अच्छे 'भविष्यवक्ता' हैं।
अध्ययन में 500 से अधिक छात्रों को शामिल किया गया और पाया गया कि स्मार्टफोन के अति उपयोग से नकारात्मक भावनाएं, नियंत्रण की कमी के साथ साथ जीवन में उद्देश्य की भावना और सामाजिक दबाव को झेलने की क्षमता भी प्रभावित होती है। विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ साइकोलॉजी की प्रमुख शोधकर्ता शैरोन हॉरवुड ने कहा कि हमारे जीवन में अब समाचार और मनोरंजन की निरंतर धारा बह रही है, और यदि वह सामग्री सकारात्मक नहीं है तो इससे 'तकनीकी भार या तकनीकी-थकावट' में वृद्धि हो सकती है।
हालांकि, उन्होंने कहा कि यह ध्यान देना महत्वपूर्ण है कि उनके अध्ययन से पता चला है कि स्मार्टफोन का उपयोग पूरी तरह खराब ही नहीं है। उन्होंने कहा कि कॉल करने और मैसेज भेजने के लिहाज से इसका सकारात्मक असर होता है।
गर्मियों के दिन आते ही हमें अपने शरीर का पूरा ध्यान  रखना पड़ता है. जिससे हमारे शरीर में पानी की कमी नहीं हो और शरीर में कई बीमारियों से बचा जा सके. गर्मी का मौसम ही ऐसा होता है कि आपको अपने शरीर का खास तौर पर ध्यान देना पड़ता है. गलत खाना खाने से भी लूजमोशन, उल्टी, जैसी समस्या भी होने की लगती है. इसलिए जब भी गर्मी में खाना खाएं तो कुछ बातों का ध्यान दें, उनके ही बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं. 

फल
गर्मियों में पानी की कमी दूर करने के लिए ताज़ा फलो का सेवन करना लाभदायक होता है. इसमें विटामिन्स की अत्यधिक मात्रा पाई जाती है जिससे शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है. जितना हो सके गर्मियों में अधिक से अधिक फल खाने चाहिए.

पेय पदार्थो का सेवन
गर्मियों में सबसे अधिक जरुरी तरलीय पदार्थ का सेवन करना जरूरी होता है. जैसे छाछ , जूस इत्यादि. छाछ का सेवन करने से लू जैसी गंभीर बीमारी से बचने की आशंका बधिक हो जाती है.


​​​​​​​हल्का खाना
गर्मियों में हल्का भोजन करना चाहिये जिससे शरीर की पाचन शक्ति बनी रहे. हल्का खाना खाने से लूजमोशन और उलटी जैसी समस्या से भी बचा जा सकता है. खाने में प्याज़ का सेवन जरूर करे यह लू से बचाता है.


कैरी की छाछ
कैरी की छाछ गर्मियों में सेवन करने से पेट की जलन, एसिडिटी जैसी समस्या से बचा जा सकता है.
चाय अक्‍सर गर्म ही पी जाती है और इसमें कोई दो राय नहीं है क‍ि गर्मागर्म चाय पीने का अपना ही मजा होता है। अगर आप भी ऐसा ही सोचते हैं तो जायके तक तो ठीक है लेकिन सेहत के लिहाज से ये सही नहीं है। चाय के कप में आने के कम से कम चार से पांच मिनट बाद इसे पीना सेहत के लि‍ए सही माना जाता है। ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में भी ये बात सामने आ चुकी है कि ज्यादा गर्म चाय पीने से खाने की नली का या गले का कैंसर होने का खतरा आठ गुना तक बढ़ जाता है।

इस बात की तस्दीक इससे भी की जा सकती है कि ईरान में चाय बहुत अधिक पी जाती है, जबकि वहां के लोग सिगरेट और तंबाकू का सेवन भी नहीं करते थे, लेकिन उनमें इसोफेगल कैंसर की शिकायत बहुत पाई गई। इसके पीछे कारण तेज गर्म चाय थी जो गले के टिशूज को नुकसान पहुंचाती है। चाय को आंच से उतारने के दो मिनट के भीतर पीने वालों को कैंसर का खतरा उन लोगों से पांच गुना बढ़ जाता है, जो चार या पांच मिनट के बाद पीते हैं।

इस बात की रिसर्च के लिए करीब पचास हजार लोगों चुना गया था और उन पर हुए अध्ययन के बाद ये बात सामने आई। विशेषज्ञों के अनुसार चाय पीने और कप में डालने के बीच कम से कम पांच मिनट का अंतर होना चाहिए।

याद रखिए गर्म चाय पीने से एसिडीटी, अल्सर, और पेट से जुड़ी तमाम बीमारियां हो सकती हैं। केवल गर्म चाय ही नहीं, कोई चीज हो इतनी गर्म हो जो पेट की शेल्षा झिल्ली को प्रभावित करती है और उससे पेट से जुड़ी तमाम बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए याद रखें क‍ि चीजें इतनी ही गर्म खानी चाहिए जिससे मुंह और गला ही नहीं, पेट भी न जले।
नई दिल्ली: एक अज्ञात खतरा आपके आस-पास मंडरा रहा है और इससे पहले कि आप इसे जानें, यह आपको अपने चपेटे में ले लेगा और आपको अपने जीवन खातिर लड़ने के लिए छोड़ देगा! शत्रु आपके भीतर ही छुपा है-- जिस हल्के दर्द को आप अनदेखा कर रहे हैं, जिस सांस की तकलीफ को आप सामान्य रूप से लेते हैं, जिस स्थायी खांसी के बारे में आप चिंतित नहीं हैं; वे सभी लक्षण हृदय में परेशानी के संकेत हो सकते हैं।
समय आ गया है कि आप अपनी आंखें खोलें और इन चेतावनी संकेतों पर गौर करें। आधुनिक जीवनशैली के बदलते पर्यावरण, खानपान और दैनिक आदतों के साथ, दिल की समस्याएं व्यापक हो गई हैं। मोटापा, उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह आदि सभी बढ़ रहे हैं और परिणामस्वरूप हर साल हृदय रोगियों की संख्या बढ़ रही है।
कुछ चेतावनी भरे संकेत जो पुष्टि करते हैं कि आपको दिल का दौरा पड़ने का खतरा हो सकता है :
1. सीने में दर्द/बेचैनी : आप छाती में दर्द, जकड़न या दबाव महसूस कर सकते हैं। कई बार ऐसा महसूस होता है कि कोई विशालकाय हाथी आपके ऊपर बैठा है। अनुभव एक मिनट से अधिक समय तक रहता है, और आमतौर पर तब होता है जब आप किसी शारीरिक गतिविधि में आराम कर रहे होते हैं या व्यस्त रहते हैं। हालांकि, यह ध्यान रखें कि आपको सीने में दर्द के बिना भी दिल का दौरा पड़ सकता है। ये विशेष रूप से महिलाओं में आम है।
2. खरार्टे और अनिद्रा : जब सोते समय सांस लेने में व्यवधान होता है तो अनिद्रा और स्लीप एपनिया जैसी समस्याएं होती हैं। स्लीप एपनिया तब होता है, जब सोता हुआ व्यक्ति हवा के लिए हांफते हुए नींद के बीच उठता है; यह उच्च रक्तचाप, स्ट्रोक, अतालता और दिल की विफलता से जुड़ा हुआ है। ये एक संकेत हैं कि आपके दिल की स्थिति में कुछ गड़बड़ है।
3. मतली, अपच या सीने में जलन : इन लक्षणों को अक्सर अनदेखा किया जाता है, लेकिन यह आपको दिल के दौरे की संभावना के बारे में संकेत भी देते हैं। कोई संदेह नहीं है, अपच अन्य कारकों के कारण भी हो सकता है, लेकिन आपको जागरूक होने की जरूरत है, क्योंकि यह हृदय की परेशानी से संबंधित भी पाया जाता है।
4. बाहों में फैलने वाला दर्द : दिल के दौरे का एक और बहुत ही सामान्य और सबसे ज्यादा पाया जाने वाला लक्षण है आपके शरीर के बाएं हिस्से में दर्द। यह आमतौर पर आपकी छाती से शुरू होगा और धीरे-धीरे बाहर की ओर निकलेगा।
5. चक्कर आना : अगर आपको अचानक अस्थिरता महसूस होती है और आपकी छाती में तकलीफ होती है, या आपको सांस की कमी महसूस हो रही है, तो इसका कारण है रक्तचाप में गिरावट। इसका मतलब यह भी है कि आपका दिल शरीर की मांग के अनुसार पर्याप्त रक्त पंप करने में सक्षम नहीं है।
6. मसूड़ों में दर्द, मुंह या जबड़े में दर्द : अगर आपको छाती में दर्द या दबाव महसूस होता है, और यह धीरे-धीरे आपके जबड़े या गले में फैलता है तो यह दिल का दौरा पड़ने का संकेत हो सकता है। सीने में दर्द के साथ जबड़े या गले में दर्द दिल के दौरे का संकेत है और यह आमतौर पर महिलाओं में देखा जाता है।
7. पसीना आना : ठंडा पसीना दिल की बीमारी का सामान्य लक्षण नहीं है, लेकिन यह दिल के दौरे का संकेत हो सकता है।
8. पैरों और टखनों में सूजन : जब आपका दिल प्रभावी ढंग से रक्त पंप नहीं करता है तो नसों में रक्त वापस आ जाता है और सूजन का कारण बनता है। दिल की विफलता के कारण आपकी किडनी अच्छी तरह से कार्य नहीं कर पाती है और शरीर से अतिरिक्त पानी और सोडियम को निकालने में असमर्थ होती है, जिसके कारण शरीर के कुछ अंगों में सूजन आ जाती है।
9. लंबे समय तक रहने वाली खांसी : अगर आपको लंबे समय से खांसी है और यह गुलाबी या लाल रंग का बलगम पैदा करती है तो यह दिल की समस्याओं का संकेत हो सकता है। यह तब होता है, जब आपका दिल आपके शरीर के साथ मेल खाने में असमर्थ होता है और इसके कारण रक्त फेफड़ों में वापस जाने लगता है।
10. अनियमित दिल की धड़कन : उच्च रक्तचाप या हृदय की नली में रुकावट के कारण आपका हृदय सामान्य लय में रक्त पंप नहीं कर सकता है और इससे अनियमित धड़कन हो सकती है। इसीलिए अनियमित दिल की धड़कन को हृदय की समस्याओं के संकेत के रूप में देखा जाता है।
अंत में आपका दिल आपसे कुछ कह रहा है, ध्यान दें। ऐसे संवेदनशील मामले में, हर मिनट मायने रखता है। चेतावनी के संकेतों पर ध्यान दें, क्योंकि सावधानी और एहतियात ही आपका सबसे अच्छा बचाव है! किसी बुद्धिमान व्यक्ति ने कहा है--एहतियात इलाज से बेहतर है।
ऋषिकेश। ऋषिकेश प्राॅपर्टी डेवलेपर्स एण्ड बिल्डर्स ऐसोसिएशन की एक बैठक देहरादून रोड स्थित वैडिंग प्वाइंट में श्री गंगराम आडवाणी की अध्यक्षता में तथा अशोक अग्रवाल, कमल जैन, प्रभाकर पाण्डेय, भगतराम कोठारी राजेश अग्रवाल, प्रेम चंदानी, शम्भु पासवान, ओम प्रकाश पंत, उमेश गोयल, की उपस्थिति में संपन्न हुई। जिसमें अजय गर्ग को सर्वसम्मिति से एसोसिएशन का अध्यक्ष चुना गया। अजय गर्ग के नाम का प्रस्ताव ऐसोसिएशन के निर्वतमान अध्यक्ष सतीश कालरा ने रखा जिसे पूरे सदन ने तालियों के साथ सहर्ष स्वीकार किया और सभी सदस्यों ने उनके नाम पर अपनी पूर्ण सहमति प्रदान की। 
इस अवसर पर संस्था में पांच नये सदस्यों रमन अरोड़ा, सुनील छाबड़ा, कपिल आनन्द, नीरज अग्रवाल और चरणजीत मुतनेजा ने सदस्यता ग्रहण की। बैठक को संबोधित करते हुए नवनियुक्त अध्यक्ष अजय गर्ग ने कहा कि वर्तमान में प्राॅपर्टी डीलिंग एंव बिल्डर्स का व्यवसाय करने वाले व्यापारियों के समक्ष सरकारी विभागों के कारण कुछ समस्यायें आ रही है। जिनका निराकरण मुख्यमंत्री से मिलकर शीघ्र करवाया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस व्यवसाय की बेहतरी और उन्नति के लिये संस्था सदस्यों से उनके सुझाव आमंत्रित करती है। नवनियुक्त अध्यक्ष अजय गर्ग ने कहा कि वे संस्था एक परिवार के रूप में काम करेगी और प्रत्येक सदस्य और अपने व्यापारी भाईयों के हितों की रक्षा के लिए हर समय प्रयासरत रहेगी। 
इस अवसर पर मानव जौहर, निशान्त मलिक, राकेश अग्रवाल, राजीव खुराना, मोहर डंग, जितेन्द्र ईचपलानी, इन्द्र कुमार गोदवानी, महावीर जैन, शैलेन्द्र बिष्ट, लक्ष्मण चैहान, हरदेव पनेसर, मनोज सेठी, अमित शर्मा, दीपक जाटव, दीपेश कोहली, नीरज चैहान, सरदार जगमीत सिंह व ललित सक्सेना उपस्थित रहे।  
ऋषिकेश। त्रिवेणी  घाट स्थित एक होटल में देर रात तक चली मिसेज़ व मिस ऋषिकेश प्रतियोगिता का आयोजन आयोजनकर्ती सिमरन कौर ने किया ।इस दौरान श्रीमति श्रेया कण्डवाल मिसेज़ व दिव्या पाण्डे मिस  ऋषिकेश 2018 चुनी गई ।
आयोजनकर्ती सिमरन कौर ने कहा कि देर रात चक चले कार्यक्रम के आयोजन में क़रीब 50 युवतियाँ व महिलाओं ने प्रतिभाग किया, इस दौरान मिसेज़ ऋषिकेश प्रतियोगिता में श्रीमति श्रेया कण्डवाल ने प्रथम,ज्योति मिसाली ने द्वितीय व रीशु त्यागी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया । इसी प्रकार मिस ऋषिकेश में दिव्या पाण्डे ने प्रथम,रिया राठौर ने द्वितीय व भूमि शर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया ।कार्यक्रम में विजयी प्रतिभागियों को मिस उत्तराखण्ड वर्णिका रावत ने पुरूस्कार देकर सम्मानित किया ।
कार्यक्रम में नारी स्वाभिमान ट्रस्ट की अध्यक्षता मुकेश चौधरी,पुष्पा रावत,अंशु आहुजा,कविता शाह आदि कई महिलायें मौजूद थी ।
ऋषिकेश। लायंस क्लब ऋषिकेश रॉयल का अधिष्ठापन समारोह का आयोजन किया गया जिसमें नवनिर्वाचित अध्यक्ष लॉयन अतुल जैन को लायंस वॉइस डिस्ट्रिक्ट गवर्नर  के अध्यक्षता की शपथ दिलाई।
देहरादून रोड स्थित एक होटल में लायंस क्लब ऋषिकेश रॉयल के अधिष्ठापन समारोह का शुभारंभ लायंस मंडलाध्यक्ष विनय कुमार मित्तल ने दीप प्रज्वलित कर किया। सर्वप्रथम क्लब निदेशक आशीष अग्रवाल ने क्लब द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी दी।
देहरादून से पधारे उप मंडल अध्यक्ष द्वितीय डॉ अश्वनी कांबोज ने क्लब में शामिल हुए नए सदस्यों को लॉयन वाद का अर्थ समझाते हुए लियोनिस्म की शपथ दिलाई। गाजियाबाद से पधारे उप मंडल अध्यक्ष प्रथम लॉयन संजीव अग्रवाल ने क्लब के नए पदाधिकारियों को पद की शपथ दिलाई। मुख्य अतिथि मंडलाध्यक्ष लॉयन विनय मित्तल ने क्लब  द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की और साथ ही क्लब ने मुख्य अतिथि के हाथों से निर्धन विद्यार्थियों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करने वाले पैन इंडिया स्कूल को विद्यार्थियों को  किताबें उपलब्ध कराने के लिए धनराशि उपलब्ध कराई।
कार्यक्रम में मंडलाध्यक्ष, उप मंडलाध्यक्ष के साथ साथ मंडल के पदाधिकारी पवन अग्रवाल विशाल बिंदल धीरज मखीजा सुशील छाबड़ा मुकेश गोयल सुनील जैन व विनोद शर्मा पंकज चंदानी ने भी उपस्थिति के सामने अपने विचार रखें जिस में मुख्य रुप से क्लब के सदस्यों को समाज सेवा के लिए और ज्यादा भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया ।
कार्यक्रम में भाग लेने के लिए देहरादून हरिद्वार डोईवाला गाजियाबाद व कई अन्य शहरों के लायंस क्लब के पदाधिकारी भी शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन अरविंद किंगर व गीता अरोड़ा द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में गोपाल नारंग आशु पाहवा रवि जैन आशु डांग राजे नेगी कपिल गुप्ता हर्षवीं आनंद प्रिया किंगर नेहा जैन मोनिका गुप्ता प्रिया गुप्ता चारुल कपाड़िया आयुषी छाबड़ा रेनू गुप्ता मिनी गुलाटी अतिका गुप्ता ज्योति सिंघल नेहा छाबड़ा नीति चोपड़ा आदि उपस्थित थे।

देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर जैव ईंधन से उड़ान भरने वाले देश के पहले विमान Spice Jet को फ्लैग ऑफ किया। फ्लैग ऑफ के बाद विमान ने दिल्ली के लिए उड़ान भरी। यह बायोफ्यूल जैट्रोफा के तेल एवं हाइड्रोजन के मिश्रण से बनाया गया है। इसके लिए आईआईपी में प्लांट लगाया गया है। संस्थान में बायोजेट फ्यूल तैयार किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ से बायोफ्यूल डेवलपमेंट अथॉरिटी के जरिये जैट्रोफा का बीज खरीदा गया है। इससे पूर्व जैव ईंधन से चलने वाले इस Spice Jet का परीक्षण भी किया था। बताया गया कि अमेरिका और कनाडा जैसे देशों में कमर्शियल विमान पहले से ही जैव ईंधन से उड़ान भर चुके हैं।
जैव ईंधन से उड़ान भरने वाले स्पाइस जेट के फ्लैग ऑफ के अवसर पर महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास राज्य मंत्री  रेखा आर्या, आईआईपी के निदेशक  अंजन कुमार रे, Spice Jet से  जी.पी. गुप्ता, कैप्टन सतीश चन्द्र पाण्डे एवं आईआईपी के वैज्ञानिक उपस्थित थे।
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मेधावी छात्र अमित को सम्मानित करते हंस कल्चर के प्रभारी पदमेंद्र सिंह बिष्ट और देवप्रयाग विधायक विनोद कण्डारी एवं अन्य
मेधावी छात्र छत्राओं का किया सम्मान
ऋषिकेश, 29 जुलाई। ग्रामीण क्षेत्र ऋषिकेश के न्याय पंचायत श्यामपुर के अन्तर्गत विभिन्न ग्रामीण शिक्षण संस्थाओं में हाई स्कूल और इण्टर मीडिएट बोर्ड की परीक्षाओं में ससम्मान उत्तीर्ण प्रतिभावान अड़तीस
 छात्र-छात्राओं का आज तुलसी विहार स्थित आडवाणी धर्मशाला में स्वर्गीय धूम सिंह स्पोर्ट्स क्लब की ओर से सम्मान किया गया।सम्मान के इस कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में पधारे हँस कल्चर सेन्टर के उत्तराखण्ड प्रभारी पदमेंद्र सिंह बिष्ट ने क्लब द्वारा किये जारहे सामाजिक कार्यों की सराहना की।साथ ही श्री बिष्ट ने बताया कि हँस कल्चर फाउंडेशन का उद्देश्य है कि किसी भी गरीब बीमार की आर्थिक तंगी के कारण साँस न टूटे और किसी प्रतिभावान की धनाभाव के कारण पढ़ाई न छूटे।इसी उद्देश्य को लेकर पुरे भारतभर के 23 राज्यों में हँस कल्चर कार्यरत है।प्रतिभावान छात्र छात्राओं के सम्मान के इस अवसर पर हंस कल्चर की ओर से छात्रों को पेंट शर्ट और छत्राओं को सलवार कमीज प्रदान की गयी जबकि कण्डारी स्पोर्ट्स क्लब की ओर से प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया।कार्यक्रम में विशिष्ट अथिति के रूप में पधारे देवप्रयाग विधान सभा के युवा विधायक विनोद कण्डारी के अपने संबोधन में कहा कि बच्चे ही देश का भविष्य है उनमें संस्कार सृजन हेतु प्रयासरत गुरुजनों को प्रणाम करते हुए सभी प्रतिभावान विद्यार्थियों को बधाई देता हूँ और आयोजक मण्डल का आभार प्रकट करता हूँ कि वे निर्धन और प्रतिभावान विद्यार्थियों की सेवा में कार्यरत हैं।इस अवसर पर क्लब के अध्यक्ष विनोद चौहान ने उपस्थिति का आभार प्रकट किया,जबकि कार्यक्रम का शुभारम्भ रेड फोर्ट पब्लिक स्कूल के छात्र छात्राओं द्वारा सस्वती वन्दना और स्वागत गीत से किया गया।कार्यक्रम में जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन डॉ के एस राणा, पर्यावरणविद और समाजसेवी विनोद जुगलान,मंडी समिति के पूर्व अध्यक्ष जय सिंह रावत, टेक सिंह राणा,राजेश व्यास,रवि शास्त्री,वीर पाल राणा, नालन्दा शिक्षण संस्थान प्रमुख महावीर उपाध्याय,देवेन्द्र बेलवाल,खदरी ग्राम प्रधान सरोप सिंह,ऋषिकेश जिला पंचायत लक्ष्मी सजवाण,कोमल नेगी,श्रीकान्त रतूड़ी,दिनेश कुलियाल,लालमणि रतूड़ी,लक्ष्मण सिंह चौहान,शाकुंभरी बिष्ट,संजय कण्डारी,मानवेंद्र कण्डारी,भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ज्योति सजवाण आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
ऋषिकेश। बृहस्पतिवार को कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष में लायंस क्लब ऋषिकेश रॉयल एवं 'ओम टीवीएस मोटरसाइकिल शोरूम) ने संयुक्त रूप से कारगिल विजय दिवस मनाया।
इस उपलक्ष में ओम TVS के प्रांगण में ऋषिकेश के अमर शहीद मनीष थापा जी के परिवार से श्री मनोज थापा जी, अमर शहीद बिकाश गुरंग जी के परिवार से श्री रमेश गुरंग जी एवं अमर शहीद अमित सेमवाल जी के परिवार से श्री तारा दत्त सेमवाल जी ने विशेष बुलावे पर शिरकत करी।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि माननीय विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेम चंद्र अग्रवाल जी ने शहीदों के परिजनों का शॉल भेंट करी एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान करते हुए कहा की आज तक हिंदुस्तान में जितनी भी जंगे लड़ी है उसमें उत्तराखंड के लोगों का विशेष सहयोग रहा है एवं उत्तराखंड के लोगों ने बढ़चढ़कर शहादते भी दी है। मुख्यअथिति ने अवगत कराया की हाल ही में शहीद हुए अमर शहीद विकास गौरंग के नाम पर 1 ग्राम का नाम रखा जाएगा वह एक स्मृति द्वार भी बनाया जाएगा और अमर शहीद मनीष थापा के नाम पर बनाया गया एक द्वार का लोकार्पण आज ही किया गया है
विशिष्ट अतिथि के रुप में पधारे ऋषिकेश SDM श्री हर गिरी जी ने शहीदों का सम्मान करते हुए खुशी जाहिर करी और कहा  की यह सम्मान सिर्फ कुछ विशेष दिनों के लिए नहीं बल्कि 365 दिन जारी रहना चाहिए।
ओम TVS के डायरेक्टर श्री प्रशांत जगडंबगनी ने बताया कि टीवीएस मोटर कंपनी ने कारगिल कॉलिंग के नाम से स्टार सिटी ब्रांड के तहत देश के असली स्टारों को सम्मानित करने का बीड़ा उठाया और देशभर में TVS कंपनी के 2500 आउटलेट में इस कार्यक्रम का आयोजन धूमधाम से किया जा रहा है।
लायंस क्लब ऋषिकेश रॉयल के अध्यक्ष श्री अतुल जैन जी ने बताया कि कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष में आयोजित की गई कारगिल विजय दिवस रैली में शहर के सम्मानित नागरिक गणों द्वारा अपने अपने टू व्हीलर में देश के वीर सपूतों को याद करते हुए रैली में भाग लिया गया। रैली का शुभारंभ माननीय मुख्य अतिथि द्वारा झंडा दिखाकर ओम TVS से किया गया। रैली देहरादून रोड तिराहा, पुरानी चुंगी, परशुराम चौक, पुराना बस अड्डा, महाराष्ट्र भवन से होती हुई वीर शहीद मनीष थापा के स्मृति स्थल तक पहुंची जहां शहीदों को नमन करते हुए रैली का समापन किया गया।
इस अवसर पर सुदामा सिंगल  मोहनलाल शर्मा  ओम प्रकाश शर्मा आदित्य सिंह, अर्णव गुप्ता, पुनीत गर्ग, अंकुर अग्रवाल, डॉ गगन शर्मा निशांत मलिक, हिमांशु अरोड़ा मयंक गुप्ता, आशीष अग्रवाल , सुशील छाबड़ा धीरज मखीजा, अभिनव गोयल, पंकज चंदानी आदि उपस्थित थे।
उत्तरकाशी: भारतीय सेना की नौ महिला अधिकारियों ने गंगोत्री हिमालय की भागीरथी-टू चोटी के सफल आरोहण के साथ वहां योग करने का नया विश्व कीर्तिमान बनाया है। उन्होंने कर्नल ओमेंदर के. पवार के नेतृत्व में समुद्रतल से 19022 फीट ऊंची भागीरथी-टू चोटी पर योगाभ्यास किया। इससे पूर्व, सियाचिन ग्लेशियर क्षेत्र में समुद्रतल से 18800 फीट की ऊंचाई पर योग करने का कीर्तिमान भी भारतीय सेना के ही नाम है।  
भारतीय सेना की कैप्टन रिचन डोलमा, कैप्टन दीप्ति भट्ट, कैप्टन मुक्ता, कैप्टन अंकिता, कैप्टन नीतू, कैप्टन तान्या, कैप्टन भूमिका व कैप्टन अप्रचिता सहित नौ महिला सैन्य अधिकारियों ने बीती 22 मई को गंगोत्री से अपना अभियान शुरू किया था। 
इसके बाद यह दल कर्नल ओमेंदर के.पवार के नेतृत्व में भागीरथी-टू चोटी के बेस कैंप नंदनवन पहुंचा। यहां आरोहण की तैयारियों के साथ सेना की महिला अधिकारियों ने योगाभ्यास भी किया। इसी बीच मौसम खराब हुआ और नंदनवन सहित भागीरथी-टू चोटी पर जमकर बर्फबारी होने लगी।
इससे दल को रास्ते में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इसी दौरान मुंबई के पर्वतारोहियों का एक दल आधे रास्ते से ही वापस लौट आया। लेकिन, भारतीय सेना की इन बहादुर महिला अधिकारियों ने हिम्मत नहीं हारी और आगे बढ़ती रहीं। कैप्टन दीप्ति भट्ट ने बताया कि भागीरथी-टू चोटी के आरोहण को हम संकल्पबद्ध थे, इसलिए दल नायक कर्नल ओमेंदर के.पवार के गतिशील नेतृत्व में बेहद कठिन चोटी भागीरथी-टू के आरोहण में सफल रहे। 
ऋषिकेश में राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत बनने वाली  सैक्स सीमेन प्रयोगशाला का केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन ने किया शिलान्स
-हरिद्वार में आयोजित होने वाले महाकुंभ से पूर्व सड़कों पर नहीं दिखेंगे आवारा पशु -त्रिवेंद्र सिंह रावत
ऋषिकेश,09जून ( AKA) केन्द्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने कहा कि उत्तराखंड एक ऐसा सौभाग्यशाली राज्य है जहां कार्य की गति को अंजाम दिया जा रहा है उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में नो करोड़ गाय सहित दूध देने वाले जानवर हैं जिसमें से 21 लाख 3000 पशुओं को चिन्हित कर 1लाख जानवरों को सरकार की ओर से टैक दे दिए गए हैं यह विचार केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने ऋषिकेश में राष्ट्रीय गोकुल मिशन भारत सरकार की ओर से बनाये जाने वाले श्याम पुर मे शनिवार को राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत सेक्स शार्ट टेड सीमन उत्पादन प्रयोगशाला का शिलान्यास करने के उपरांत मुख्य वक्ता के रूप में व्यक्त करते हुए कहा कि भारत सरकार किसानों को उनकी फसलों का लाभ देने के लिए काफी गंभीर है जिसके चलते किसानों को पशुओं की सुरक्षा के लिए भी कार्य कर रही है उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से सभी प्रदेशों की सरकार से किसानो को उनके पशुओं का लाभ देने के लिए इस प्रकार की प्रयोगशाला निर्मित किए जाने के लिए आग्रह किया था लेकिन उत्तराखंड ने इस प्रयोगशाला के निर्माण में सबसे पहले पहल कर उत्तराखंड की जनता को लाभ दिए जाने का कार्य किया है मुझे आशा है कि इस योजना का उत्तराखंड के किसान बड़ी संख्या में लाभ उठाएं गे राधा मोहन ने यह भी कहा कि पूरे देश में पशुओं की नस्लों को सुधारने व अच्छी नस्ल के पशुओं की पहचान के लिए हर राज्य में पशु आहार पोर्टल का निर्माण भी किया जिसके माध्यम से पूरे देश के किसान अच्छी नस्ल के पशुओं की पहचान कर सकते है उनका कहना था कि इस प्रयोगशाला का निर्माण कार्य अक्टूबर माह तक पूर्ण हो जाएगा। केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि भारत वर्ष में पशुपालन भारतीय अर्थव्यवस्था का अभिन्न अंग है तथा भारतवर्ष में कुल 512 मिलियन पशु है जो कि विश्व में सबसे अधिक है यह तथ्य भी महत्वपूर्ण है कि भारत वर्ष में प्रति पशु का दूध उत्पादन 1172 किलोग्राम प्रति व्यक्ति है जो कि अत्यंत ही कम है इसके साथ ही आवारा एवं अनुत्पादक पशुओं की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है सभी समस्याओं के निदान के लिए आवश्यक है कि पशु पालक अपनी इच्छा के अनुरूप पशुओं के सेक्सी लिंग का चयन कर सकें सेक्सी मैन एक ऐसी तकनीक की है जिसके माध्यम से एवं मादा शुक्राणु का अलग किया जा सकता है जिसका उद्देश्य की पशु पालक की इच्छा अनुसार का उत्पादन किया जा सके अधिक दूध देने वाले पशु हमारे पास हूं देश में दूध की मात्रा बन सकेगी राधा मोहन ने कहा कि उत्तराखंड अन्य प्रदेशों की अपेक्षा अलग प्रदेश है जिसमें 11 जिले  हैं यहां की भौगोलिक परिस्थितियों के मद्देनजर यहां पर पशु पालक रोजगार एवं धन अर्जन करने का अत्यंत महत्वपूर्ण साधन है और कई बार पशु पालक का  खर्च दूध से होने वाली आमदनी से भी अधिक चला जाता है जिसके कारण यहां का किसान पशु पालने में अधिक रुचि नहीं रखता क्योंकि उसका लाभ और घटता जाता है ऐसे में इस प्रकार के सेंटर काफी उपयोगी सिद्ध होंगे

इस अवसर प्रदेश के मुख्यमंत्री  त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड की जनता के लिए आज एतिहासिक दिन है जहाँ उत्तराखंड का दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में गोकुल मिशन का शिलान्यास किया गया है वह काफी लाभकारी सिद्ध होगा जिसके कारण हमारे बीमार पशुओं के लिए उपयोग में सुधार किया जाएगा उन्होंने कहा कि अभी भी उत्तराखंड में देसी गायों की नस्ल में सुधार किए जाने की आवश्यकता है जिससे वह अपने दूध की क्षमता को बढ़ा सकेंगे किसानों के लिए आय के लिए एक मुख्य धंधा भी है यदि हम इसमें और अच्छा सुधार करेंगे तो हमारी  आमदनी भी बढ़ेगी  और किसानों की दशा सुधरेगी मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि उनका यह भी प्रयास रहेगा कि आगामी महाकुंभ से पूर्व सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशुओं को सड़कों से हटा दिया जाऐगा और कोई भी आवारा सड़कों पर नहीं दिखाई देगा उनहोने  कहा कि  यह पहली सरकार है जिसने अपनेे ग्लोबल अवार्ड के साथ कई अन्य अवार्ड भी विकास केे लिए प्राप्त किये है  और अब वैलून तकनिकी का भी उपयोग किया है जिससे मोबाइल टेलीफोन की एक्टिविटी भी सीधे तौर पर जुड़ कर उपयोग करेंगेे।  त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि  यह भी ऋषिकेश के लोगों का का का सौभाग्य है कि शीघ्र ही श्आईडीपीएल में अंतरराष्ट्रीय स्तर का कन्वेंशन सेंटर का निर्माण भी होने जा रहा है जिसका हमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर  लाभ मिलेगा  जो कि दुनिया के लोगों को भी आकर्षित करेगा क्योंकि यहां योग शिक्षा के लिए काफी संख्या में लोग आते हैं वह इसका लाभ उठा पाएंगे अभी तक बड़े-बड़े शहरों में इस प्रकार का कोई भी सेंटर नहीं खोला गया था लेकिन ऋषिकेश का सौभाग्य है कि यहां पर इतना बड़ा कन्वेंशन सेंटर खोला जा रहा है उन्होंने कहा कि जिस पर 1 साल में  कार्य  शुरू कर दिया जाायेगाा     ।शिलान्यास अवसर पर उत्तराखंड राज्य के विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ,शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत राज्य की पशुधन मंत्री रेखा आर्य, हरिद्वार सांसद रमेश पोखरियाल निशंक , भूषण त्यागी , एस एस मयाल, सहित अन्य नेतागण भी उपस्थित थे।
देहरादून। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में गुरूवार को बी.आर. अम्बेडकर स्टेडियम, ओ.एन.जी.सी. में कर्टेन रेजर कार्यक्रम के तहत सामान्य योग अभ्यासक्रम(प्रोटोकाॅल) आयोजित किया गया। योग गुरू स्वामी रामदेव द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित सैकड़ों योग साधकों को योगाभ्यास कराया गया। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री श्री श्रीपद येसो नाइक, उत्तराखण्ड के आयुष मंत्री डाॅ.हरक सिंह रावत, परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानंद मुनि, विधायक श्री हरबंस कपूर, श्री गणेश जोशी, आचार्य बालकृष्ण, मुख्य सचिव श्री उत्पल कुमार सिंह, डीजीपी श्री अनिल कुमार रतूड़ी, भारत सरकार में सचिव आयुष श्री राजेश कोटेचा, उत्तराखण्ड में सचिव श्री आर.के.सुधांशु, डाॅ.पंकज कुमार पाण्डेय सहित शासन, पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों ने भी स्वामी रामदेव के साथ योग का अभ्यास किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि योग को जन-जन तक पहुंचाना है। योग विश्व को निरोग करने का संकल्प है। भारतीय संस्कृति में ‘सर्वे भवंतु सुखिनः सर्वे भवंतु निरामयाः’ की बात कही गई है। योग इसमें सहायक है। योग की धारा देवभूमि उत्तराखण्ड से प्रवाहित हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रयासों से सारी दुनिया ने योग की शक्ति को माना है। और 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाने लगा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी, योग द्वारा सारी दुनिया को जोड़ने का काम कर रहे हैं। जब राजशक्ति, ऋषिशक्ति व अध्यात्म मिलकर काम करते हैं तो विश्व कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारे लिए गौरव की बात है कि इस बार अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मुख्य कार्यक्रम के लिए देहरादून का चयन किया गया है। इससे देहरादून व उत्तराखण्ड अंतर्राष्ट्रीय फलक पर नजर आएगा। हमें संकल्प लेना चाहिए कि रोज योग करेंगे और विश्व को निरोग करेंगे। योग को जनआंदोलन बनाने के लिए आम व्यक्ति की सहभागिता बहुत जरूरी है। मुख्यमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को एफ.आर.आई में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जो लोग वहां नहीं आ सकते हैं वे अपने गांव, शहर व घरों में योग करें।
केंद्रीय मंत्री श्री श्रीपद येसो नाइक ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रयासों से आज सारी दुनिया में योग का संदेश गया है। 21 जून को देवभूमि उत्तराखण्ड के देहरादून में योग का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इससे पूर्व दिल्ली, चंडीगढ़ व लखनऊ में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर कार्यक्रमों का आयोजन सफलतापूर्वक किया गया।
योग गुरू स्वामी रामदेव ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सारी दुनिया के लोग उत्साह के साथ योग करते हैं। ऐसे में मुख्य कार्यक्रम के आयोजन के लिए प्रधानमंत्री जी ने देहरादून, उत्तराखण्ड को प्राथमिकता दी है, ये हमारे लिए सौभाग्य की बात है। योग के लिए वातावरण निर्मित किए जाने की आवश्यकता है।
बताया गया कि दिल्ली, चंडीगढ़, लखनऊ के बाद देहरादून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के राष्ट्रीय आयोजन हेतु चुना गया है। 21 जून को सुबह 6 बजे से 8 बजे तक एफआरआई में मुख्य कार्यक्रम का आयोजन होगा। इसकी तैयारियां की जा रही हैं। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए पतंजलि योगपीठ, देवसंस्कृति विश्वविद्यालय, आर्ट ऑफ लिविंग, परमार्थ निकेतन, ब्रह्म कुमारी, आदि संगठनों और संस्थाओं का भी सहयोग लिया जा रहा है। कार्यक्रम में प्रतिभाग के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया गया है।